बिहार के चुनावी परिणाम बेशक 8 नवंबर को आएंगे। लेकिन दोनों ही गठबंधनों के आला नेता और रणनीतिकार परिणाम के गणित की माथापच्ची में जुटे हुए हैं। सूबे के चुनाव प्रधानमंत्री की प्रतिष्ठा से जुडे़ होने के वजह से भाजपा में परिणाम को लेकर माथापच्ची कुछ ज्यादा है।
तमाम शंका-प्रतिशंका के बीच बिहार की जंग में भाजपा अपनी नैया पार मान रही है। लेकिन सीटों के उलझन को लेकर संघ की बैठक से लेकर पूरे भाजपाई गलियारे में नेता गणित निकालते देखे जा रहे हैं।
चार चरणों के चुनाव के बाद सीटों के गणित की माथापच्ची में जुटे भाजपा रणनीतिकारों को पूरा भरोसा है कि वे सरकार बनाने के जादूई आंकडे के करीब सीटें जीत लेंगे। रांची में संपन्न संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में भी भाजपा नेताओं ने अपनी रिपोटिंग में जीत का दावा किया है।
साथ ही संघ ने अपने आकलन में भी पाया है कि सूबे में पहली दफा भाजपा की अपनी सरकार बनती दिख रही है।
बीते चार चरण के तहत 188 सीटों पर हुए चुनाव परिणाम का गणित निकाल रहे पार्टी के शीर्ष नेता और रणनीतिकार बदत्तर परिणाम में भी 108 सीटें राजग के खाते में मान रहे हैं।