बिहार के सीवान में उल्लू जैसा दिखने वाला पक्षी मिला है। यह सांप की तरह आवाज निकालता है और इसका आकार रोज बढ़ रहा है। लोगों के मन सवाल उठ रहा है कि आखिर यह कौन सा पक्षी है। कुछ लोग तो इसे जटायु मान रहे हैं। आइए जानते हैं कि क्या माजरा है।
सीवान जिले के बिहार-यूपी के बॉर्डर इलाके के गुठनी थाना क्षेत्र में विसवार गांव निवासी मनन सिंह के घर का एक कमरा काफी दिनों से बंद पड़ा था। जब वह एक सप्ताह पहले अपने कमरे को खोल रहे थे तभी अचानक उन्हें सांप की आवाज सुनाई दी। तब मनन सिंह ने महाराजगंज थाना क्षेत्र निवासी और सांप पकड़ने वाले बाबा को बुलाया। बाबा लाठी-डंडा लेकर सांप पकड़ने गया। फिर कमरे को खुलवाकर सांप पकड़ने के लिए बाबा जैसे ही छज्जे पर पहुंचे तो उन्हें उल्लू जैसे दिखने वाले चार पक्षी बैठे हुए नजर आए। पहले तो बाबा डर गए, फिर उसने धीरे-धीरे कर उल्लू जैसे दिखने वाले पक्षियों को पकड़ लिया। इसके बाद इन पक्षियों को देखने के लिए गांव के दूर-दूर से लोग पहुंचने शुरू हो गए। वहीं, इस पक्षी की पहचान को लेकर काफी उलझन है।
प्रवासी पक्षी को रेस्क्यू करने नहीं पहुंचा वन विभाग
गुठनी थाना क्षेत्र के विसवार गांव में उल्लू जैसा दिखने वाला और सांप की तरह बोलने वाला पक्षी मिलने के बाद ग्रामीण इसको देखने के लिए काफी उत्सुक हैं और यह चर्चा का विषय बना हुआ है। लेकिन इन पक्षियों की पहचान नहीं हो पाई है। देखने में बिल्कुल सफेद, आंखें काली और बहुत ही प्यारे लग रहे हैं। कुल चार पक्षी हैं, दो बड़े और दो छोटे। हालांकि ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दे दी है। लेकिन, वन विभाग के सुस्त रवैये से पिछले एक सप्ताह से मनन सिंह के घर में यह चारों पक्षी रखे हुए हैं। लेकिन वन विभाग अभी तक रेस्क्यू करने नहीं पहुंचा है। उल्लू जैसे पक्षी मिलने के बाद उनके खाने का इंतजाम किया गया। उन्हें कई तरह का खाना दिया गया, लेकिन उन पक्षियों नहीं खाया। उसके बाद उन्हें सिर्फ गेहूं के दाने और अमरूद दिए जा रहे हैं, जिन्हें पक्षी शौक से खा रहे हैं।
पक्षियों की सभी प्रजातियों में सर्वव्यापक है
वहीं, जानकारों का कहना है कि इसे बार्न आऊल कहते हैं। हिन्दी में श्वेत उलूक या लक्ष्मी उलूक कहा जाता है। विकिपीडिया की यह जानकारी है कि श्वेतोलूक (अंग्रेजी नाम- टायटो अल्बा) ध्रुवीय और मरुस्थलीय क्षेत्रों के अतिरिक्त लगभग प्रत्येक स्थान पर पाया जाता है। यह हिमालय के उत्तर में और कुछ प्रशांत द्वीप समूह के आसपास पाई जाने वाली प्रजाति है।