फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिहारः दूसरे चरण में पड़े 55 फीसदी वोट

विज्ञापन
विज्ञापन
बिहार विधानसभा के दूसरे चरण के लिए शुक्रवार को वोटिंग शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो गई। नक्सल प्रभावित इलाकों समेत छह जिलों की 32 विधानसभा सीटों पर हुए मतदान में कुल 55 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
विज्ञापन


चुनाव आयोग के मुताबिक पिछले चुनाव की तुलना में यह तीन फीसदी ज्यादा है। वोटिंग में खलल डालने के नक्सलियों ने कई प्रयास किए, लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें नाकाम कर दिया। बमों की बरामदगी के बीच लोग निर्भीक होकर मतदान केंद्रों तक पहुंचे और अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

महिलाएं एक बार फिर पुरुषों से आगे रहीं। भभुआ के बूथ नंबर 205 पर 104 साल उम्र की महिला मतदाता ने वोट डाला। छह जिलों की 32 सीटों के लिए हुए चुनाव में 32 महिलाएं समेत कुल 456 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे।
विज्ञापन

नक्सलियों के इरादों को सुरक्षा बलों ने किया नाकाम

घोर नक्सल प्रभावित इलाकों में भी मतदान को लेकर वोटरों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। सुदूर जंगलों में बने बूथों पर भी महिलाओं की लंबी कतार देखने को मिली। यहां शांतिपूर्ण वोटिंग करवाना सुरक्षा बलों के लिए काफी बड़ी चुनौती थी, लेकिन वह इससे निपटने में कामयाब रहे।

नक्सलियों ने कई जगहों पर लैंडमाइंस और बम लगा रखे थे, जिन्हें समय रहते ही डिफ्यूज कर दिया गया। गया जिले के इमामगंज विधानसभा क्षेत्र के तहत मैगरा थाना के हरनी गांव में 205 में आईईडी लगाया गया है, जिसे सूचना मिलते ही सुरक्षा बलों ने डिफ्यूज कर दिया।

परैया थाना के बगाही, बांकेबाजार के चैगई कोयरी बिगहा, बाराचट्टी थाना के कुरमावां में लैंडमाइंस बरामद किए गए। बाराचट्टी और बांकेबाजार में पुलिया के नीचे लैंडमाइंस प्लांट कि ए गए थे। इसे भी डिफ्यूज कर दिया गया। आयोग से जारी जानकारी के मुताबिक कई पोलिंग स्टेशनों पर ईवीएम में खराबी आने की शिकायतें सामने आईं।
विज्ञापन

सफल रहा महिला बूथ का प्रयोग

मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए प्रशासन ने इस बार कई नए प्रयोग किए। गया जिले में सात ऐसे बूथ बनाए गए थे, जहां सभी प्रकार की जिम्मेदारी महिलाओं के हाथों सौंपी गई थी। इन बूथों पर कोई पुरुष कर्मचारी नहीं था।

पोलिंग एजेंट, सुरक्षाकर्मी और वेब कास्ट का काम भी महिलाएं देख रही थीं। ये सभी बूथ गया शहरी सीट के क्षेत्र में बनाए गए थे। यह प्रयोग सफल रहा। महावीर इंटर कॉलेज और मध्य विद्यालय में चार और गया कॉलेज में तीन ऐसे मतदान केंद्र बनाए गए थे।

डीएम के मुताबिक महिला पदाधिकारियों से लेकर शिक्षा, कल्याण, स्वास्थ्य सहित कई अन्य विभागों की महिला कर्मचारियों ने स्वेच्छा से इस काम को पूरा करने के लिए आवेदन दिया था, जिसके बाद इन्हें प्रशिक्षित किया गया है।

मोमबत्ती के उजाले में हुई वोटिंग
औरंगाबाद जिले के नवीनगर के बूथ नं. 260 पर लोगों ने वोट का बहिष्कार किया। यहां सड़क नहीं बनने से नाराज लोगों ने वोट नहीं डाला। रोहतास में मोमबत्ती और टॉर्च जलाकर मतदान कराया गया। ऑडिटोरियम में बनाए गए बूथ में रोशनी की व्यवस्था नहीं थी। इधर, गया के इमामगंज में ड्यूटी पर तैनात सीआरपीएफ  के जवान की हार्ट अटैक से मौत होने की सूचना है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें