बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान
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बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान शनिवार को बांका के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अद्वैत मिशन लॉ कॉलेज का उद्घाटन किया और छात्रों, अधिवक्ताओं व शिक्षाविदों को संबोधित किया। राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि लॉ कॉलेजों से निकलने वाले विद्यार्थी देश को क़ानून की जानकारी देते हैं, लेकिन आज चिंता का विषय यह है कि संसद और विधानसभाओं में क़ानून बनाने की जिम्मेदारी निभाने वाले जनप्रतिनिधि ही अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने लगे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यह लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है और नागरिकों को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत की शिक्षा और संस्कृति की जड़ें बहुत गहरी हैं। “आज केरल को देश का सबसे अधिक शिक्षित राज्य माना जाता है, लेकिन यह मुकाम हासिल करने में उसे सौ साल से अधिक का समय लगा। जबकि बिहार हजार साल पहले से ही शिक्षा का केंद्र रहा है। नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालय इसकी ऐतिहासिक मिसाल हैं।”
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विद्यार्थियों को संदेश देते हुए राज्यपाल ने कहा कि क़ानून की पढ़ाई को केवल पेशा न समझें, बल्कि इसे समाज सुधार और न्याय की स्थापना का माध्यम बनाएं। उन्होंने युवाओं से सत्य, नैतिकता और मर्यादा के मार्ग पर चलकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का आह्वान किया। उद्घाटन समारोह के दौरान कॉलेज प्रशासन ने राज्यपाल का स्वागत किया और संस्थान की आगामी योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में जिले के जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।