पुलिस की गिरफ्त में आरोपी तस्कर
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बिहार के भागलपुर में वन विभाग की टीम ने कहलगांव स्टेशन से प्रतिबंधित कछुए के मांस के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। वन विभाग को पिछले कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि कछुए को पकड़कर उसके मांस की तस्करी की जा रही है। इसको लेकर वन विभाग की ओर से आरपीएफ कहलगांव को इसकी सूचना दी गई थी। वहीं, सघन जांच के दौरान वन विभाग की टीम और आरपीएफ की मदद से 25 किलो से ज्यादा कछुए का मांस बरामद किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, 50 से अधिक कछुओं की हत्या की जा चुकी है। उनका मांस पश्चिम बंगाल के रामपुरहाट ले जाया जा रहा था। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि कछुए के मांस से दवा बनाने के साथ-साथ इसे खाने के काम में भी लाया जाता है। बरामद मांस की कीमत लाखों में बताई जा रही है।
भागलपुर वन विभाग के रेंज ऑफिसर ब्रज किशोर सिंह ने बताया कि तस्कर ने अपना नाम कहलगांव निवासी पवन सहनी बताया है। मामले को लेकर तस्कर का कहना है कि यूपी से आए एक व्यक्ति के द्वारा कछुए का मांस उसे दिया गया था। साथ ही इसे बंगाल के रामपुरहाट ले जाने के लिए कहा गया था। इसके एवज में उसे दो हजार रुपये मिलने वाले थे। लेकिन कहलगांव स्टेशन पर वह कछुए के मांस के साथ गिरफ्तार हो गया। वहीं, वन विभाग अब गिरफ्तार व्यक्ति से पूछताछ कर पूरे गैंग के नेटवर्क का पता लगाने में जुटा है।