Martyr Ankit Yadav : हर कोई इस दृश्य को देखकर ग़मगीन हो रहा था। एक तरफ बाढ़ की विभीषिका और दूसरी तरफ घुटने भर पानी में शहीद जवान अंकित यादव का अंतिम संस्कार किया जा रहा था। इस पल के गवाह बने वहां केंद्रीय मंत्री भी उस पल के लिए बेबस दिख रहे थे।
भागलपुर में शहीद जवान अंकित यादव (35) का अंतिम संस्कार किया गया। उनके मासूम पुत्र (4) ने उनके पैतृक गांव रंगरा प्रखंड अंतर्गत चापर उनको मुखाग्नि दी। यह देखकर वहां मौजूद सैकड़ों लोगों की आँखें नम हो गई। चूंकि उनका पैतृक घर बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है, इसलिए उनका अंतिम संस्कार घुटने तक पानी में किया गया। इस मौके पर वहां पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे भी मौजूद थे। बाढ़ से घिरे क्षेत्र में स्थानीय लोगों ने शहीद जवान अंकित यादव का पार्थिव शरीर घुटने तक पानी में गांव में लाया गया। इस दौरान गाड़ी पानी और कीचड़ में फंस गई। फिर पार्थिव शरीर को कंधे पर उठाकर घर लाया गया और पूरे गांव में घुमाया गया। पैतृक गांव रंगरा प्रखंड के चापर में अंकित यादव का अंतिम संस्कार किया गया।
अंकित यादव जम्मू कश्मीर के उरी सेक्टर में मंगलवार रात बॉर्डर पर घुसपैठियों के घुसपैठ को नाकाम करते हुए शहीद हो गए थे। सेना के सतर्क जवानों ने पाकिस्तान सेना के बॉर्डर एक्शन टीम (बैट टीम) के हमले को विफल कर दिया, जिसके बाद भारतीय सेना के जवाबी कार्रवाई के बाद बैट दस्ते को अपनी जान बचाकर भागना पड़ा। इस दरमियान दोनों ओर से हो रही फायरिंग में सेना के जवान अंकित यादव वीरगति को प्राप्त हो गए।
अंकित यादव के शहीद होने की खबर मिलते ही परिजनों के बीच कोहराम मच गया। पल दुःख का था लेकिन अंकित यादव की शहादत पर लोग खुद को गौरवान्वित भी महसूस कर रहे थे। इस गांव में सेना के कई जवान है लेकिन पहली बार इस गांव का एक जवान शहीद हुआ। अंकित यादव 2009 में बिहार रेजीमेंट में बहाल हुए थे उनके और तीनों भाई सेना में रह चुके हैं। अंकित यादव अपने पीछे दो बेटे, पत्नी, माता पिता समेत भरा पूरा परिवार छोड़कर गए हैं। अंकित यादव 1 महीने पहले ही गांव आये थे और कुछ दिनों तक रहकर फिर ड्यूटी पर चले गए थे। चार दिनों पहले उन्होंने अपने वार्ड सदस्य को फोन किया था और पत्नी का वोटर कार्ड बनाने की भी बात की थी।