भागलपुर में जदयू के सांसद अजय कुमार मंडल और विधायक गोपाल मंडल के बीच विवाद गंभीर रूप ले चुका है। विधायक ने सांसद पर एचआईवी पॉजिटिव होने, पुराने आपराधिक मामलों में संलिप्तता, अफीम की खेती और शराब सप्लाई के आरोप लगाए।
जदयू के दो दिग्गज नेताओं सांसद अजय कुमार मंडल और गोपालपुर से विधायक गोपाल मंडल के बीच चल रही तनातनी अब खुली जंग का रूप ले चुकी है। विवाद चार दिन पहले शुरू हुआ था, जब विधायक गोपाल मंडल ने सांसद अजय मंडल और पार्टी की प्रदेश महासचिव पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके जवाब में सांसद अजय मंडल ने घोघा थाना में विधायक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
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लेकिन मामला थमने के बजाय और भड़क गया। गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में विधायक गोपाल मंडल ने सांसद अजय मंडल पर गंभीर और आपत्तिजनक आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सांसद एचआईवी पॉजिटिव हैं और उन्हें संसद जाने से रोका जाना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने पुराने आपराधिक मामलों का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने हत्या और पाकेटमारी जैसी घटनाओं में सांसद का नाम जोड़ा।
विधायक ने कहा कि अजय मंडल खुद बिहार के मुख्यमंत्री बनने की इच्छा रखते थे और इसके लिए उन्होंने कुछ लोगों को मंत्रालय देने और कुछ को पैसे देने की योजना बताई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सांसद ने गंगा किनारे 40 बीघा जमीन पर अफीम की खेती की और ट्रैक्टर-टेलर के जरिए शराब की सप्लाई करवाई। हालांकि सांसद ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि जमीन उनके चाचा-भतीजे की है।
गोपाल मंडल ने अपर्णा नामक महिला का भी सवाल उठाया और कहा कि सांसद को स्पष्ट करना चाहिए कि यह महिला कौन है।इन बयानों के बाद जदयू के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है और पार्टी के अंदर गुटबाज़ी के संकेत और स्पष्ट हो रहे हैं। राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि यह विवाद न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पार्टी के प्रदेश स्तर की राजनीति को भी प्रभावित कर सकता है।