भागलपुर के पीरपैंती थाना क्षेत्र में ऋषभ झा की हत्या की गुत्थी पुलिस ने मात्र 24 घंटे में सुलझा ली। आरोप है कि सौरभ साह और उसके चार साथियों ने ऋषभ का बकाया पैसा लेकर साजिश की और लूडो खेलने के बहाने बुलाकर गोली मार दी।
भागलपुर जिले के पीरपैंती थाना क्षेत्र में बीते 10 मार्च को ऋषभ झा की गोली मारकर हत्या की गुत्थी पुलिस ने मात्र 24 घंटे में सुलझा ली है। पुलिस ने इस मामले में पांच अपराधियों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त हथियार और अन्य सबूत भी जब्त किए हैं।
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पुलिस ने बताया कि मामले में शामिल अपराधियों के नाम सौरभ साह, भानू कुमार, प्रीतम कुमार, राहुल रंजन और दीपक कुमार हैं। हत्या में प्रयुक्त एक पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस, एक खोखा और मोबाइल भी पुलिस ने जब्त किया है।
हत्या की साजिश
वरिष्ठ पुलिस कप्तान प्रमोद कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि प्रारंभिक अनुसंधान और तकनीकी व वैज्ञानिक आधार पर पुलिस ने साक्ष्य संकलित किया। अभियुक्तों ने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया कि मृतक ऋषभ और सौरभ प्लाटिंग के काम से जुड़े थे। ऋषभ का सौरभ के पास बकाया पैसा था, जिसे वह लौटाना नहीं चाहता था। इसी विवाद के चलते सौरभ ने अपने साथियों को एकजुट किया और ऋषभ को लूडो खेलने के बहाने बुलाकर साजिश के तहत गोली मार दी।
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पुलिस की कार्रवाई
एसएसपी प्रमोद कुमार ने बताया कि मामले की गुत्थी को सुलझाने के लिए कहलगांव डीएसपी के नेतृत्व में डीआईयू और पीरपैंती थानाध्यक्ष की टीम गठित की गई थी। पुलिस ने सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर बुधवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। हत्या में प्रयुक्त हथियार और अन्य सबूत जब्त कर मामले की जांच पूरी की गई।
पड़ताल और सबूत
पुलिस ने बताया कि मानव सूचना और तकनीकी जांच के आधार पर साक्ष्य जुटाए गए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि हत्या पूर्व नियोजित और साजिश के तहत की गई थी। गिरफ्तार अपराधियों ने अपने अपराध की पूरी जिम्मेदारी स्वीकार की है। इस गिरफ्तारी से पीरपैंती क्षेत्र में लोगों में सुरक्षा और कानून के प्रति विश्वास बढ़ा है।