भागलपुर में प्रेसवार्ता के दौरान जनसुराज पार्टी के मुखिया प्रशांत किशोर तथा अन्य
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जनसुराज उद्घोष यात्रा के तहत बिहार के राजनीतिक रणनीतिकार और जनसुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर (पीके) बुधवार को भागलपुर के दौरे पर रहे। इस दौरान अतिथि गृह में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने घटना को अत्यंत दुखद और निंदनीय बताते हुए कहा कि निहत्थे पर्यटकों पर गोली चलाने वाले आतंकवादियों के खिलाफ कड़ी और निर्णायक कार्रवाई की जरूरत है।
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पीके ने कहा कि यह साफ है कि केवल राजनीतिक नारे लगाकर आतंकवाद को खत्म नहीं किया जा सकता। इसके लिए व्यापक नीति, संकल्प और सशक्त लड़ाई जरूरी है। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले ऐसे हमलों से देश को आहत किया जा रहा है और यह सरकार की रणनीतिक विफलता का भी प्रमाण है।
‘2025 के बाद मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे नीतीश कुमार’
प्रशांत किशोर ने इस मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने पत्रकारों से साफ शब्दों में कहा कि लिख लीजिए, 2025 के विधानसभा चुनाव के बाद नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे। उन्होंने नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार के संभावित राजनीतिक प्रवेश पर भी तंज कसते हुए कहा कि उन्हें अभी किसी नेता के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
पीएम मोदी की रैली को बताया ‘गरीबों का पैसा बर्बाद करना’
प्रशांत किशोर ने आगामी 24 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मधुबनी दौरे पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की रैली के लिए भीड़ जुटाने के लिए बिहार की गरीब जनता के पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा को रैली करनी है तो उन्हें पार्टी के खाते में जमा करोड़ों रुपये खर्च करने चाहिए, न कि जनता की गाढ़ी कमाई।
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‘1 लाख 25 हजार करोड़ के पैकेज का हिसाब मांगा’
प्रशांत किशोर ने 2015 में प्रधानमंत्री द्वारा आरा में किए गए एक लाख 25 हजार करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की भी याद दिलाई। उन्होंने कहा कि हमारा पीएम से सीधा सवाल है कि उन्होंने जो सवा लाख करोड़ रुपये के पैकेज का एलान किया था, क्या वो पैसा बिहार को मिला? अगर हां, तो कहां गया वो पैसा? उन्होंने मीडिया के माध्यम से केंद्र सरकार से पारदर्शिता की मांग करते हुए जवाब देने की अपील की।