बिहार में एक छात्रा (13 वर्ष) का बाल विवाह हो रहा था और इससे बचने की कोई उम्मीद और उपाय न देखकर उसने संयुक्त राष्ट्र द्वारा शुरू किए गए मोबाइल एप को संदेश भेजा और उसने लड़की को बाल विवाह का शिकार होने से बचा लिया।
यूनाइटेड नेशन्स पॉपुलेशन फंड (यूएनएफपीए) ने जेंडर अलायंस नाम की एक पहल की है। पटना स्थित जेंडर अलायंस ने सितंबर महीने में राज्य में ‘बंधन तोड़’ नाम से एक एड्रॉयड मोबाइल एप शुरू किया है। यह एप दहेज, बाल विवाह, घरेलू हिंसा और लैंगिक असमानता के मुद्दों पर लोगों को जागरूक करता है।
जेंडर अलायंस की एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया, ‘अपने सामाजिक सहयोगियों के द्वारा इस शिकायत की पुष्टि किए जाने के बाद हमने तत्काल पटना में डीजीपी से संपर्क किया। इसके बाद डीजीपी ने स्थानीय पुलिस अधिकारियों को इसके बारे में सूचना दी।’
अधिकारी ने कहा, ‘संयोगवश लड़का भी नाबालिग (15) था। इसलिए अगर यह एप नहीं होता तो दो किशोर बाल विवाह के शिकार हो सकते थे।’ उन्होंने कहा, ‘यह एप हिंदी में है, क्योंकि हम ग्रामीण इलाके के लोगों तक भी पहुंचना चाहते थे। वहां अब भी इस तरह की प्रथाएं अत्यधिक संख्या में प्रचलित हैं। एप में एसओएस बटन है, जिससे पीड़ित सीधे हमसे संपर्क कर सकते हैं।’