केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे शनिवार की शाम को बक्सर के किला मैदान में एसडीएम केके उपाध्याय से न सिर्फ उलझ गए बल्कि उन्हें काफी भला-बुरा भी कहा। इस दौरान बिना दबाव के एसडीएम मंत्री को कानून उल्लंघन की बात समझाने की कोशिश करते हुए नजर आए। अश्विनी को गुस्से में देखकर उनके कार्यकर्ता भी तैश में आ गए। लगभग दर्जनभर से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने नारे लगाते हुए बंद गेट को खुलवा दिया।
हुआ यूं कि जब अश्विनी चौबे की गाड़ी मैदान से बाहर निकलने लगी तो एसडीएम ने उन्हें रोका। इससे नाराज चौबे गुस्से में गाड़ी के अंदर से ही चिल्लाने लगे। उन्होंने कहा, 'क्या बात है बोलो। किसकी मां की मजाल है कि गेट बंद कर दे। मुझे हथकड़ी लगवाओगे, लो लगा दो। खबरदार तमाशा मत करिए आप लोग। किसका आदेश है।' इसपर एसडीएम ने कहा कि चुनाव आयोग का आदेश है। बिना इजाजत वाली गाड़ियों को जब्त करना है।
यह सुनकर मंत्री ने कहा कि मेरी गाड़ियां हैं और तुम इन्हें जब्त नहीं कर सकते हो। बता दें कि एनडीए की विजय संकल्प रैली में भाजपा और अन्य दलों की 30-40 गाड़ियों से नेता यहां पहुंचे थे। जिला प्रशासन ने गाड़ियां लाने की मंजूरी नहीं दी थी। एसडीएम का कहना है कि सभी गाड़ियों की वीडियोग्राफी करवाई है। आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज करके कानूनी कार्रवाई करेंगे।
बता दें कि वर्तमान में चौबे बक्सर से सांसद हैं और भाजपा ने उन्हें दोबारा इसी सीट से अपना उम्मीदवार घोषित किया है।