केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने अपने बेटे के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट को गलत बताया है। मंत्री चौबे का कहना है कि उनका बेटा बिल्कुल सही है और उसने कोई गलत काम नहीं किया है। बता दें कि चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत के खिलाफ यह वारंट इसलिए जारी किया गया है क्योंकि उन्होंने 17 मार्च को बिना किसी इजाजत के जुलूस निकाला था। उनके साथ जुलूस में बजरंग दल, आरएसएस और बीजेपी के लोग भी शामिल थे। यह जुलूस भागलपुर के नाथनगर में सांप्रदायिक हिंसा का कारण बना। इसी कारण पुलिस द्वारा दो एफआईआर दर्ज की गईं। जिसमें केन्द्रीय मंत्री के बेटे को नामजद अभियुक्त बनाया गया है।
वहीं अर्जित की तरफ से भी बयान आया है जिसमें उन्होंने कहा है कि उन्हें नामजद आरोपी क्यों बनाया गया है। क्या भारत माता की जयकार करना या वंदे मातरम करना गुनाह है?
आपको बता दें कि भागलपुर सीजीएम कोर्ट ने अर्जित समेत अन्य नौ लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। नाथनगर थाने की प्राथमिकी संख्या 176/18 में अर्जित नामजद आरोपी है।
पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने भी पूरे प्रकरण पर नीतीश कुमार को घेरा है। तेजस्वी ने ट्वीट में लिखा है- नीतीश सरकार सुनिए, केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित चौबे एक केस में फरार है। नीतीश सरकार ने उनके खिलाफ भागलपुर में दंगा फैलाने का वारंट जारी किया है पर वह तो राम नवमी के अवसर पर तलवार थामे बीजेपी विधायकों के साथ जुलूस निकाल रहा है।
एक अन्य ट्वीट में तेजस्वी ने लिखा है कि बिहार के ढोंगी व पाखण्डी मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के दंगाई पुत्र पर दिखावटी वारंट निकाल रखा है। लेकिन वह पटना में सीएम आवास के बगल में ही बीजेपी विधायकों की मौजूदगी में तलवार थामे फेसबुक लाइव कर रहा था।