बिहार में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अगले महीने राज्य का दौरा करेंगे। जानकारी के मुताबिक, अमित शाह 23-24 सितंबर को बिहार के सीमांचल क्षेत्र का दौरा करेंगे। दो दिवसीय कार्यक्रम के तहत वे पूर्णिया और किशनगंज जिलों का दौरा करेंगे। पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत के कार्यक्रम के अलावा उनकी जनसभाएं भी होंगी।
पिछले महीने भाजपा के साथ जदयू ने अपना गठबंधन तोड़ दिया था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि भाजपा के सत्ता से बाहर होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पहली बिहार यात्रा के लिए चुनी गई जगह से स्पष्ट होता है कि पार्टी की राजनीति सांप्रदायिक तनाव पर टिकी हुई है।
दरअसल, बिहार में जदयू ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस और वामदलों के साथ मिलकर महागठबंधन की सरकार बनाई है। पार्टी नेता कुशवाहा ने कहा कि बिहार में सांप्रदायिकता को भुनाने की भाजपा की योजना उसी तरह से नाकाम हो जाएगी, जैसे पिछले साल विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में हुई थी।
31 अगस्त को बिहार का दौरा करेंगे KCR
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव 31 अगस्त को बिहार का दौरा करेंगे। मुख्यमंत्री गलवान घाटी में शहीद हुए भारतीय सैनिकों के परिवारों और हाल ही में हुई एक दुर्घटना में मारे गए बिहार के 12 श्रमिकों के परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करेंगे। राव बिहार के उन 12 श्रमिकों के परिवारों को भी आर्थिक सहायता मुहैया कराएंगे, जिनकी हैदराबाद में हालिया आग हादसे में मौत हो गई थी। इस दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मौजूद रहेंगे।
नीतीश ने की बाढ़ की स्थिति की निगरानी
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को पटना के कच्ची दरगाह और अन्य स्थानों पर गंगा नदी के बढ़े हुए जलस्तर का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सतर्क रहने और स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मैं बाढ़ की स्थिति की निगरानी करता रहता हूं। पिछले साल की तुलना में इस साल वैसी स्थिति नहीं है। अभी कुछ जगहों पर सूखापन की भी स्थिति है, तो हम निगरानी करते रहते हैं ताकि किसी को भी समस्या हो तो वहां के लोगों की सुरक्षा और सुविधा का इंतजाम किया जाए।