पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओयू) ने शिक्षक भर्ती परीक्षा दे चुके अभ्यर्थियों को चेताया है। ने उसी तरह की आशंका जताई है, जैसा संकट बिहार बोर्ड की शिक्षक पात्रता परीक्षा देकर परीक्षा परिणाम का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के सामने आ रहा है। बीपीएससी शिक्षक भर्ती परीक्षा के बाद कई अपराधिक गिरोह सक्रिय है, जो अभ्यर्थियों को फोन कर पैसों की डिमांड कर रहे हैं। अभ्यर्थी इस तरह के झांसे में नहीं आयें। उचित फोरम पर उसकी शिकायत करें, बहाली की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है।
अभ्यर्थियों को फोन कर पैसों की डिमांड कर रहे
आर्थिक अपराध इकाई के पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने कहा कि हाल प्रतियोगिता परीक्षाओं हुई है, जैसे एसटीईटी और बीपीएससी की परीक्षा में सूचना मिली है कि फोन करके कुछ अपराधी तत्व अभ्यर्थियों को नंबर बढ़ाने के नाम पर परेशान कर रहे हैं। अभ्यर्थियों से अपील है कि आप किसी तरह की झांसे में न आएं। ऐसे कॉल अगर आएं तो इसकी सूचना आर्थिक अपराध इकाई या नजदीकि थाने को दें। शिक्षक भर्ती परीक्षा के बाद कई अपराधिक गिरोह सक्रिय है, जो अभ्यर्थियों को फोन कर पैसों की डिमांड कर रहे हैं। अभ्यर्थी इस तरह के झांसे में नहीं आयें।
डाटा का उपयोग STET परीक्षा में किया गया है
छात्रों के हित मे लगातार संघर्ष करने वाले राष्ट्रीय छात्र एकता मंच के अध्यक्ष छात्र नेता दिलीप कुमार का कहना है कि अभ्यर्थियों को फोन करके अभ्यर्थियों का रॉल न., पिता का नाम, उनका पता, उनका परीक्षा केंद्र यानी वह सबकुछ बताया जा रहा है जिस
डाटा का उपयोग STET परीक्षा में किया गया है। उन अभ्यर्थियों से परीक्षा में उपयोग किया गया सारा डाटा बताकर परीक्षा पास कराने के बदले रुपये की मांग की जा रही है। किसी से पचास हजार, किसी से 75 हजार तो किसी से एक लाख रुपये की मांग की जा रही है। पैसा नही देने पर इस परीक्षा में फेल करने की धमकी तक दी जा रही है। छात्र नेता दिलीप कुमार का कहना है कि फोन करने वाले ए कौन लोग हैं? शिक्षा माफियाओं एवं परीक्षा माफियाओं के पास अभ्यर्थियों का डाटा कैसे आया और किसने दिया ? दिलीप कुमार ने आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के कार्यालय के लोगों की भी इसमें संलिप्तता हो सकती है। इसलिए दिलीप कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मांग करते हुए कहा है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।