बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को साढ़े तीन सजा की सजा सुनाई गई है। सजा के बाद सियासी सरगर्मियां बढ़ेंगी। जिसके लिए राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं ने कमर कस ली है। राजद नेताओं ने जनता के लिए बीच जाने के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया है। सूत्रों से मिली जानकारी और नेताओं के बयान के बाद राजद के प्लान सामने आ गया है।
राजद के वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी में एकजुटता बनाये रखने और
लालू की पारंपरिक पारिवारिक राजनीति के जरिए बिहार की राजनीति में पैठ बनाए रखने का योजना तैयार की है। बिहार के सबसे बड़े सियासी परिवार ने लालू के छोटे बेटे
तेजस्वी यादव को अपना नेता मान लिया है और इसी के मुताबिक नई रणनीति पर काम कर रही है।
राजद के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्धिकी के मुताबिक, तेजस्वी के नेतृत्व में बिहार में बड़े आंदोलन की तैयारी चल रही है। इसके तहत बिहार के हरेक गांव तक लालू के संदेश को पहुंचाया जाएगा।
पार्टी के विश्वस्त सूत्रों की मानें तो जेल से लालू यादव ने तेजस्वी को एक चिट्ठी भेजी है। पार्टी नेताओं को आभास है कि इस चिट्ठी में तेजस्वी को पार्टी की कमान संभालने और निर्णय लेने के निर्देश दिए गए होंगे। इसलिए लालू के प्रति अपनी निष्ठा साबित करने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता भी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को ही पार्टी का चेहरा बना कर पार्टी की रणनीति पर काम करना चाहते हैं।