भारत मंडपम में USA के राष्ट्रपति से सीएम नीतीश की मुलाकात करवाते पीएम मोदी।
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गृह जिला है नालंदा। नालंदा उनकी रग-रग में बसा है। नालंदा के लिए बिहार सरकार का वीआईपी ट्रीटमेंट सभी को पता है। अब अगर जी20 की बैठक में नालंदा को ऐसा ट्रीटमेंट मिला हो तो बात तो बढ़नी ही थी। उसके बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसी तस्वीर शेयर कर दी। तस्वीर में मोदी भी हैं, नीतीश भी और नालंदा भी। नीतीश की इच्छा भले न हो, लेकिन इसके मायने निकाले जाने लगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से आयोजित भोज में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बिल्कुल करीब दिख रहे, यह तस्वीर बिहार सरकार में भी शेयर की। इसके बाद बिहार की राजनीति में बयानों का दौर भी शुरू हुआ। मुलाकात हुई तो क्या बात हुई और आगे क्या होगा, इसपर जितने मुंह- उतनी बात।
मुलाकात और उसपर कांग्रेस की यह बात
जी20 के रात्रि भोज पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात में राजनीति पर कोई बात नहीं हुई। प्रधानमंत्री जिस तरह बाकी राज्यों के मुख्यमंत्री से मिले, नीतीश कुमार से भी उसी तरह मिले। हां, इस बैठक के दौरान नीतीश और मोदी कई बार साथ दिखे और तस्वीरों के जरिए भी दिखाए गए। इसपर चर्चा का दौर इसलिए चल पड़ा क्योंकि कांग्रेस ने इस भोज से दूरी बनाए रखी और बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने तो यहां तक कह दिया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सोच अलग है। उन्होंने कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों की इस कार्यक्रम से दूरी के सवाल पर कहा कि "संसद में विपक्ष के नेता को इस बैठक में नहीं बुलाया गया, इसलिए पार्टी के सीएम ने बुलावे को नजरअंदाज किया। लेकिन, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सोच अलग है। उनपर कांग्रेस का जोर नहीं।" इतना ही हंगामा नहीं मचा।
बिहार कांग्रेस प्रभारी बोले- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सोच अलग है
इधर, सीएम नीतीश कुमार और पीएम मोदी के मुलाकात के बाद बिहार में सियासत भी तेज हो गई है। रविवार को मीडियो के सवालों का जवाब देते हुए बिहार प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी अखिलेश सिंह ने कहा कि राष्ट्रपति के भोज में कांग्रेस के कई सीएम इसलिए शामिल नहीं हुए क्योंकि नेता प्रतिपक्ष को भोज में शामिल ही नहीं किया गया। वहीं सीएम नीतीश कुमार भोज में शामिल होने के सवाल पर बोले कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सोच अलग है।
जदयू बोली- कई मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों को भी आमंत्रित किया गया है
हालांकि, जदयू का कहना है कि इसका राजनीति से कोई कार्यक्रम नहीं है। दिल्ली में विश्व के कई देशों के प्रमुख इसमें शामिल हुए। सभी मुख्यमंत्री इसमें शामिल हो रहे हैं तो हमारे नेता नीतीश कुमार भी शामिल हुए। बता दें कि भारत मंडपम में शनिवार शाम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विदेशी नेताओं के सम्मान में रात्रिभोज का आयोजन किया। इसमें देश के कई मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्री भी शामिल हुए। वहीं भाजपा का कहना है राष्ट्र के सम्मान में हर किसी को जुड़ना चाहिए। सीएम नीतीश कुमार कई बार प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए लेकिन, मुख्यमंत्री जी जब जागे तभी सवेरा हो गया।
विपक्षी दलों ने मोदी सरकार को 'इंडिया-विरोधी' करार दिया है
राजद के साथ जनमत लेने के बाद बीच में भाजपा के साथ जब नीतीश आए थे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रिश्ते ठीक हो गए थे, लेकिन जब भाजपा के साथ चुनाव जीतने के बावजूद राजद के साथ महागठबंधन सरकार के मुखिया बने तो यह फिर से बिगड़ गए। इतने बिगड़े कि नीतीश ने देशभर के भाजपा-विरोधी दलों को पहली बार जुटा लिया। यह जुटान ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कुर्सी से हटाने के उद्देश्य से हुआ था। अब इस विपक्षी एकता की तीसरी बैठक हो चुकी है। इस बैठक के बाद देश में फिलहाल इंडिया बनाम भारत की लड़ाई भी छिड़ी हुई है, क्योंकि जी20 के ही आमंत्रण में 'प्रेसिडेंट ऑफ भारत' का इस्तेमाल होने किए जाने को लेकर विपक्षी दलों ने मोदी सरकार को 'इंडिया-विरोधी' करार दिया है।