दिल्ली में प्रदूषण को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों का असर अब अन्य शहरों में भी देखने को मिल रहा है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी केजरीवाल की तर्ज पर पटना में 15 साल पुराने डीजल वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा उन्होंने पटना में मेट्रो रेल चलाने के प्रोजेक्ट पर भी मुहर लगा दी है। जिसे जल्द ही राज्य कैबिनेट की सहमति के लिए बैठक में रखा जाएगा।
बुधवार को वन एवं पर्यावरण विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कई दिशा निर्देश जारी किए। इस दौरान मुख्यमंत्री पटना में बढ़ते प्रदूषण पर काफी चिंतित नजर आए।
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए उठाया कदम
जिसके बाद बैठक में ही निर्णय लिया गया कि राजधानी में 15 साल से ज्यादा की उम्र पार कर चुके डीजल वाहनों के परिचालन पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए। इसके लिए उन्होंने वाहन मालिकों और वाहन चालकों में भी जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए।
उन्होंने ऐसे वाहनों पर तत्काल रोक लगाने के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण परिषद को सख्त कदम उठाने के लिए कहा है। वहीं मुख्यमंत्री के इस कदम का वन एवं पर्यावरण मंत्री तेज प्रताप यादव ने स्वागत किया है।
इसके अलावा पटना के लोगों को जल्द ही मेट्रो ट्रेन की सौगात भी मिल सकती है। लंबे समय से अटके पड़े इस प्रोजक्ट को भी मुख्यमंत्री ने अपनी सहमति दे दी है।
मेट्रो प्रोजक्ट को भी मिली हरी झंडी
बिहार के शहरी विकास मंत्री महेश्वर हजारी ने बताया कि पटना मेट्रो रेल प्रोजक्ट की डिटेल्ड प्रोजक्ट रिपोर्ट (DPR) को जल्द ही सहमति के लिए कैबिनेट में रखा जाएगा। उन्होंने कहा मेट्रो प्रोजक्ट हमारी प्राथमिकताओं में है। इसलिए प्रदेश सरकार इसके जल्द से जल्द शुरू होने के लिए प्रयास कर रही है।
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार बीते साल रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकॉनोमिक सर्विस की ओर से पटना मेट्रो से संबंधित डीपीआर बिहार सरकार के समक्ष पेश की गई थी। जिसमें पटना में मेट्रो के पहले चरण पर 14 हजार करोड़ का खर्चा होने की उम्मीद जताई गई थी।
शहरी विकास मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि बिहार सरकार फिलहाल पटना को मेट्रो सिटी घोषित करवाने के लिए प्रयास कर रही है जिससे मेट्रो रेल के प्रोजक्ट को गति मिल सके।