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उम्र 14 साल, पास की IIT-JEE परीक्षा

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मात्र 7 साल की उम्र में धार्मिक प्रवचन देने वाले 14 वर्षीय शिवानंद तिवारी ने प्रतिष्ठित आईआईटी-जेईई प्रवेश परीक्षा पास कर एक नया मुकाम हासिल किया है।
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बिहार के रोहतास जिले के धरमपुरा गांव के रहने वाले शिवानंद आईआईटी प्रवेश परीक्षा पास करने वाले कम उम्र के छात्रों में से एक हैं।

शिवानंद की उम्र इतनी कम है कि उसे आईआईटी परीक्षा में बैठने के लिए कोर्ट से अनुमति हासिल करनी पड़ी। नियमों के अनुसार, 15 साल से कम उम्र के लड़के, लड़कियां आईआईटी प्रवेश परीक्षा में नहीं बैठ सकते हैं।

वैज्ञान‌िक बनना चाहता है श‌िवानंद

शिवानंद ने प्रवेश परीक्षा में देशभर में 2578वीं रैंक हासिल की है। वह फिजिक्स में शोध करना चाहता है और वैज्ञानिक बनकर देश के लिए कुछ करना चाहता है।

शिवानंद ने बताया कि चार साल पहले तक उसने खुद आईआईटी में पढ़ने के बारे में नहीं सोचा था। हालांकि पेशे से किसान उसके पिता कमलाकांत तिवारी ने कहा कि उन्हें, उनके गांव और पड़ोसियों को शिवानंद की प्रतिभा पर कोई शक नहीं था।

धार्म‌िक प्रवचन देता है श‌िवानंद

शिवानंद ने 7 साल की उम्र में ही गीता और अन्य हिंदू धर्म शास्त्रों पर प्रवचन देना शुरू कर दिया था। उसने आसपास के गांवों, कस्बों और जिलों में प्रवचन दिया।

उसने बताया कि वह बचपन से ही धार्मिक प्रवृत्ति का था और हमेशा से भगवान की प्रार्थना और सेवा करना चाहता था। सात साल की उम्र में बक्सर में स्टेज से धार्मिक प्रवचन दिया था। लोग प्रवचन को काफी पसंद करते थे और इसके लिए उसे कई जगह बुलाया जाता था।

डायरेक्टर की मदद से हुआ संभव

शिवानंद के पिता कमलाकांत भी चाहते थे कि वह इस काम को जारी रखे लेकिन पटना और दिल्ली स्थित एक कोचिंग इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर से मिलने के बाद इस फैसले में बदलाव आया।

डायरेक्टर शिवानंद से काफी प्रभावित हुए और उसे पढ़ाई के लिए अपने साथ ले जाने की अनुमति मांगी। शिवानंद ने बताया कि उसे नारायणा आईआईटी-पीएमटी अकादमी के डायरेक्टर यूपी सिंह नई दिल्ली ले आए।
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पढ़ाई के साथ आईआईटी की भी पढ़ाई

उन्होंने और पटना अकादमी के डायरेक्टर दीपक सिंह ने उसके लिए विशेष पाठ्यक्रम तैयार किया। शिवानंद ने बताया कि उसने दिल्ली से अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की और साथ ही आईआईटी की तैयारी भी जारी रखी।

साथ ही इन दोनों ने मेरी अंग्रेजी पर भी काफी ध्यान दिया ताकि इस भाषा की किताबें पढ़ने में सहूलियत हो।
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