कहते हैं अगर कुछ करने का जज्बा हो तो कोई भी काम मुश्किल नहीं होता। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है शिमला जिला के कोटखाई के रहने वाले अतुल राजटा ने। अपनी आवाज के दम पर अतुल बुलंदियों को छू रहे हैं। 8 साल पहले गायकी के क्षेत्र में कदम रखने वाले अतुल अब लोगों के बीच जाना पहचाना नाम है।
कोटखाई के गाजटा गांव के रहने वाले अतुल को कॉलेज टाइम से लेकर गाने का शौक था। उन्होंने तय किया कि इसी क्षेत्र में वे अपना भविष्य बनाएंगे। लेकिन राह आसान नहीं थी। पहाड़ी कलाकारों को हिमाचल में आगे बढ़ने का वैसे भी कम ही मौका मिलता है। मगर अतुल ने अपनी मेहनत के बलबूते अपनी आवाज को निखारना शुरू कर दिया।
रोजाना घंटों तक अपने गाने बनाने और उन्हें अलग धुन देने के लिए मेहनत की। शुरुआती दौर में सफलता कम मिली लेकिन जैसे जैसे उनकी नाटियां लोगों तक पहुंची, उनका नाम चमकने लगा। अब तक अतुल पहाड़ी गीतों के कुल 8 एलबम निकाल चुके हैं। उनके गाने इतने हिट हो रहे हैं कि हाल ही में उनका गाया भोले ईश्रा..गीत म्यूजिक हंटर साइट से दस दिन के भीतर 20 हजार लोगों ने डाउनलोड कर दिया।
पहाड़ी गीत लोभिए...से धमाल मचाने वाले अतुल अब शिमला समर फेस्टिवल के साथ साथ प्रदेश भर में होने वाले विभिन्न समारोह में शो करते हैं। हालांकि अभी भी सरकार की ओर से पहाड़ी कलाकारों को दी जाने वाली कार्यक्रम राशि बेहद कम है। यदि सरकार इस राशि को और बढ़ाए तो अतुल जैसे कई ऐसे कलाकार हैं जो हिमाचल का नाम रोशन कर सकते हैं।