रायबरेली के रालपुर गांव में गुड़िया शर्मा ने उन बच्चों को पढ़ाना शुरू किया जिनके पास न संसाधन हैं, न स्कूल जाने की क्षमता। अपने एक छोटे से प्रयास में उन्होंने सैकड़ों बच्चों को शिक्षा से जोड़ने में सफलता पाई है।
अपने विवाह के बाद वह कानपुर देहात चली गई हैं लेकिन जब भी रायबरेली के अपने गांव आती हैं अपनी मुहिम को आगे बढ़ाती हैं। वहीं के निवासियों की मदद से इसे जिंदा रखने में जुटी हैं।
गुड़िया बताती हैं कि समाज में बहुत से लोगों को आज भी शिक्षा का मतलब नहीं पता। उनके लिए दो वक्त की रोटी का इंतजाम पहली प्राथमिकता है। ऐसे लोगों की मदद के लिए समाज के हर वर्ग को आगे आना होगा।