पर्वतारोही अर्जुन बाजपेयी बृहस्पतिवार तड़के काठमांडू के लिए रवाना हो गए। सबसे कम उम्र में माउंट एवरेस्ट पर फतह पा चुके अर्जुन का लक्ष्य काठमांडू स्थित माउंट मकालू की चोटी है।
यह दुनिया की पांचवीं सबसे ऊंची चोटी है। इसकी ऊंचाई 8485 मीटर (27,838 फीट) है। अर्जुन समेत 8 लोग इस टीम हैं। जिसमें वह अकेले भारतीय हैं।
सेक्टर-51 निवासी अर्जुन ने बताया कि इससे पहले वह 2013-14 और 2015 में लगातार तीन साल माउंट मकालू की चढ़ाई करने का प्रयास कर चुके हैं लेकिन तीनों बार तकनीकी खामी या फिर खराब मौसम के चलते उन्हें पूरी टीम के साथ बेस कैंप पर लौटना पड़ा था।
माउंट एवरेस्ट पर लहराया था तिरंगा
29 मई 2011 में अर्जुन ने माउंट एवरेस्ट पर फतह पाई थी। उस दौरान उनकी उम्र 17 वर्ष थी। करीब पांच साल बाद वह मकालू पर फतह पाने के लिए निकल गए हैं। अर्जुन ने बताया कि मकालू की चढ़ाई काफी कठिन मानी जाती है। वहां का मौसम, दर्रे और सीधी चढ़ाई काफी खतरनाक है।
मुख्यमंत्री राहत कोष से मिला 30 लाख रुपये का अनुदान
अर्जुन की इस चढ़ाई पर प्रदेश सरकार ने उनका हौसला बुलंद किया है। जिलाधिकारी एनपी सिंह के अनुरोध पर मुख्यमंत्री राहत कोष से उन्हें 30 लाख रुपये की अनुदान राशि दी गई है। जिला अधिकारी एनपी सिंह ने अर्जुन को राष्ट्रीय ध्वज समेत नोएडा के सेक्टर-27 डीएम कैंप पर बुधवार को 30 लाख रुपये का चेक सौंपा।