आजकल कार निर्माताओं की ओर से कई कारों में टर्बो इंजन दिए जाते हैं। ऐसी कारों को ज्यादा पावर के लिए पसंद भी किया जाता है। हम इस खबर में आपको बता रहे हैं कि किस तरह से कुछ बातों का ध्यान रखते हुए ऐसे इंजन वाली कारों से ज्यादा एवरेज लिया जा सकता है।
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- फोटो : सोशल मीडिया
गियर का रखें ध्यान
सामान्य इंजन वाली कार के मुकाबले टर्बो इंजन वाली कार में जब आरपीएम दो हजार के आस-पास आ जाए तो गियर शिफ्ट करना शुरू करना चाहिए। ऐसे इंजन वाली कारों में अगर आरपीएम को ज्यादा रखा जाए तो कार का एवरेज कम होता है। लेकिन अगर कम आरपीएम पर ही गियर बदलें जाएं तो एवरेज में बढ़ोतरी होती है।
टॉर्क का रखें ध्यान
जब भी इस तरह के इंजन वाली कारों को चलाया जाए तो इस बात का ध्यान रखना जरूरी होता है कि पीक टॉर्क का इस्तेमाल कम से कम करें। टॉर्क कर्व ऐसा ग्राफ होता है जिससे यह जानकारी मिलती है कि आप कब टॉर्क का सबसे ज्यादा उपयोग करते हैं। कार को चलाने के लिए ज्यादा पावर की जरूरत नहीं होती।
तेज ब्रेक से करें परहेज
अगर कार चलाते समय आपको तेज और अचानक से ब्रेक लगाने की आदत है तो इसमें सुधार करते हुए भी टर्बो इंजन वाली कार से ज्यादा एवरेज लिया जा सकता है। अगर कार चलाते समय रेड लाइट हो चुकी है और आप अचानक से ब्रेक लगाते हैं तो इससे कार का एवरेज कम हो जाता है। मॉर्डन कारों में फ्यूल इंजेक्शन तकनीक के कारण भी एवरेज बेहतर होता है।
क्रूज कंट्रोल का उपयोग
हाइवे पर कार चलाते हुए अगर आप क्रूज कंट्रोल का उपयोग करते हैं तो इससे आपको थकान भी कम होती है और कार का एवरेज भी बढ़ता है। सामान्य कार में कार चलाते हुए एक्सीलेरेटर का लगातार उपयोग करना पड़ता है जिससे पैडल पर दबाव कम या ज्यादा हो सकता है और एवरेज में फर्क पड़ता है। लेकिन अगर क्रूज कंट्रोल का उपयोग किया जाए तो कार की स्पीड को लंबे समय तक एक जैसा रखा जा सकता है। जिससे एवरेज बढ़ता है।
गियर डाउन कैसे करें
अगर टर्बो इंजन वाली कार से आपको बेहतर एवरेज चाहिए तो गियर डाउन सही तरह से करना चाहिए। इसे रेव मैच करते हुए आसानी से किया जा सकता है। इससे इंजन पर और टर्बो पर अतिरिक्त दबाव नहीं आता और ईंधन की खपत भी कम हो जाती है।