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Xiaomi SU7: शाओमी की पहली इलेक्ट्रिक कार SU7 पर उठे सवाल, सुरक्षा, परफॉर्मेंस और पारदर्शिता पर घिरी कंपनी

Sat, 24 May 2025 05:35 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

चीनी टेक कंपनी शाओमी स्मार्टफोन की दुनिया में बड़े नामों में शुमार है। हालांकि चीनी कंपनी अभी भी अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार के लिए काफी जांच के दायरे में है।
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Xiaomi SU7 - फोटो : Xiaomi
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विस्तार
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इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) की दुनिया में अपनी SU7 सेडान के साथ एंट्री करने की Xiaomi (शाओमी) की महत्वाकांक्षी योजना को कार के लॉन्च के बाद से ही गंभीर बाधाओं का सामना करना पड़ा है। चीनी टेक कंपनी शाओमी स्मार्टफोन की दुनिया में बड़े नामों में शुमार है। हालांकि चीनी कंपनी अभी भी अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार के लिए काफी जांच के दायरे में है।
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जब इसने अपनी पहली इलेक्ट्रिक सेडान SU7 लॉन्च की, तो शुरुआत में सब कुछ शानदार लग रहा था। इसकी सुपरकार जैसी परफॉर्मेंस ने लोगों को हैरान कर दिया। लेकिन अब इस गाड़ी को लेकर सुरक्षा, परफॉर्मेंस और पारदर्शिता से जुड़े गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

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दुर्घटना के बाद शुरू हुई जांच
मार्च में एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें SU7 हाईवे बैरियर से टकराकर आग की चपेट में आ गई और इसमें तीन लोगों की जान चली गई। इस दुर्घटना ने SU7 की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, इस कार के पावरफुल इंजन और इलेक्ट्रॉनिक सेफ्टी सिस्टम, जैसे कि डोर लॉक फीचर और ड्राइवर असिस्ट टेक्नोलॉजी, को लेकर काफी चिंता जताई गई।

SU7 का पावर आउटपुट करीब 1138 kW और 1770 Nm था, जो किसी आम कार के लिए काफी ज्यादा है। ऐसे में सवाल उठा कि इतनी ताकतवर गाड़ी को क्या बिना सख्त सेफ्टी फीचर्स के बेचना सही है?

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Xiaomi SU7 Electric Car - फोटो : Xiaomi
सॉफ्टवेयर अपडेट पर विवाद
हादसे के बाद शाओमी ने एक ओवर-द-एयर सॉफ्टवेयर अपडेट जारी किया, जिसमें गाड़ी की पावर घटाकर 662kW कर दी गई। इसके अलावा, पूरी परफॉर्मेंस को अनलॉक करने के लिए ट्रैक पर 'क्वालिफाइंग लैपटाइम' देना जरूरी कर दिया गया। और लॉन्च कंट्रोल में 60 सेकंड की देरी जोड़ दी गई।

हालांकि, ये बदलाव सुरक्षा के लिहाज से किए गए थे, लेकिन ग्राहकों ने इसे बहुत नकारात्मक रूप में लिया। गाड़ी की परफॉर्मेंस कम करने को लेकर सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हुई। जिसके चलते शाओमी को यह फैसला वापस लेना पड़ा। कंपनी ने सफाई में कहा, "हमें हमारे कम्युनिटी से मिले उत्साहपूर्ण फीडबैक की सराहना करते हैं और आगे हम चीजों को ज्यादा पारदर्शी बनाएंगे।"

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एयर डक्ट को लेकर कानूनी पेंच
एक और विवाद तब शुरू हुआ जब कुछ ग्राहकों ने शाओमी पर फर्जी विज्ञापन का आरोप लगाया। कंपनी ने दावा किया था कि SU7 में लगा डुअल एयर डक्ट कार्बन-फाइबर बोनट परफॉर्मेंस को बेहतर बनाता है। लेकिन कुछ मालिकों ने पाया कि ये एयर वेंट्स वास्तव में काम ही नहीं करते, यानि बस दिखावे के लिए थे।

कंपनी ने इस बात को माना कि कम्युनिकेशन में कमी रह गई थी और इसके बदले ग्राहकों को लॉयल्टी पॉइंट्स और एल्यूमिनियम बोनट का विकल्प दिया गया। मगर ये रिप्लेसमेंट 40 हफ्तों की वेटिंग लिस्ट के साथ आ रहा है, जिससे ग्राहक और भी ज्यादा नाराज हो गए हैं।

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Xiaomi SU7 Electric Car - फोटो : Xiaomi
कंपनी के संस्थापक की प्रतिक्रिया
शाओमी के संस्थापक और सीईओ लेई जुन ने इस संकट पर पहली बार चीनी सोशल मीडिया  प्लेटफॉर्म वीबो (Weibo) पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "शाओमी की शुरुआत के बाद से यह मेरा सबसे चुनौतीपूर्ण महीना रहा है।" जुन ने बताया कि वो कुछ समय के लिए बैठकों और सोशल मीडिया से दूर होकर पूरे हालात पर आत्ममंथन कर रहे थे, ताकि कंपनी की आगे की ईवी रणनीति को नए सिरे से तय किया जा सके।

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अब शाओमी के लिए आगे क्या 
इतनी सारी मुश्किलों के बावजूद शाओमी पीछे हटने के मूड में नहीं है। कंपनी ने घोषणा की है कि वह इस साल के आखिर तक अपनी दूसरी इलेक्ट्रिक कार YU7 (एक मिड साइज एसयूवी) लॉन्च करेगी। SU7 के अनुभव ने भले ही शाओमी को कुछ कड़वे सबक दिए हों। लेकिन यह कदम यह भी दिखाता है कि शाओमी ईवी मार्केट में जोखिम उठाने को तैयार है, भले ही शुरुआत में राह मुश्किल हो। 

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