पेट्रोल कारों का भी तोड़ा रिकॉर्ड
U9X ने न सिर्फ इलेक्ट्रिक कारों का पुराना रिकॉर्ड तोड़ा बल्कि लंबे समय से कायम पेट्रोल से चलने वाली कारों का 490.484 किमी प्रति घंटा का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। इस तरह यह कार सभी कैटेगरी में दुनिया की सबसे तेज प्रोडक्शन कार बन गई है। यह रिकॉर्ड कई हाई-स्पीड रन के बाद जर्मन टेस्ट ट्रैक पर आधिकारिक रूप से प्रमाणित किया गया।
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लिमिटेड एडिशन, सिर्फ 30 यूनिट
पहले इसे U9 Track/स्पेशल एडिशन के रूप में दिखाया गया था। लेकिन अब इसे U9 Xtreme नाम से सीमित उत्पादन (लिमिटेड रन) में लॉन्च किया गया है। खास बात यह है कि दुनिया भर में इसकी सिर्फ 30 यूनिट्स ही बनाई जाएंगी। जिससे यह कार बेहद दुर्लभ और कलेक्टर्स के लिए खास बन जाएगी।
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दमदार टेक्नोलॉजी और स्पेसिफिकेशन
U9X को मौजूदा U9 प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है, लेकिन इसमें कई अहम अपग्रेड किए गए हैं:
- 1200V अल्ट्रा-हाई-वोल्टेज सिस्टम (पहले 800V था)
- लिथियम आयरन फॉस्फेट ब्लेड बैटरी, जिसमें 30C डिस्चार्ज रेट है
- चार हाई-स्पीड इलेक्ट्रिक मोटर्स, जो 30,000 rpm तक घूम सकती हैं और मिलकर 3000 bhp की जबरदस्त पावर देती हैं
- नए DiSus-X सस्पेंशन, ट्रैक के एक्सट्रीम प्रेशर झेलने के लिए
- ट्रैक-लेवल सेमी-स्लिक टायर्स, जो बेहद ऊंची स्पीड को कंट्रोल कर पाते हैं
इन सब फीचर्स की मदद से यह कार लगभग 500 किमी प्रति घंटा की स्पीड पर भी पूरी तरह स्थिर रह पाती है और जीरो-एमिशन परफॉर्मेंस देती है।
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जर्मन रेसिंग ड्राइवर ने बनाया रिकॉर्ड
इस कार को जर्मनी के मशहूर रेसिंग ड्राइवर मार्क बसेंग ने चलाया। उन्होंने कार की स्थिरता की तारीफ करते हुए कहा, "यह रिकॉर्ड तभी संभव हुआ क्योंकि U9 Xtreme की परफॉर्मेंस कमाल की है। इलेक्ट्रिक मोटर की वजह से इसमें कोई झटके नहीं आते, आवाज नहीं होती और मैं पूरी तरह ट्रैक पर फोकस कर पाता हूं।"
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BYD का बड़ा बयान
बीवाईडी की एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट स्टेला ली ने इसे कंपनी के लिए गर्व का पल बताया। उन्होंने कहा, "Yangwang ब्रांड के लिए नामुमकिन जैसा कुछ नहीं है। U9X ने दिखा दिया कि जब इंजीनियरिंग एक्सीलेंस और इलेक्ट्रिक इनोवेशन साथ आते हैं, तो असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। सबसे बड़ी खुशी यह है कि अब दुनिया की सबसे तेज प्रोडक्शन कार इलेक्ट्रिक है।"
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नाम और प्रेरणा
U9X का नाम अंग्रेजी शब्द "एक्सट्रीम" से लिया गया है, जो "सीमा" और "परम" का प्रतीक है। जबकि अक्षर X अज्ञात का प्रतिनिधित्व करता है। यांगवांग ने कहा कि यह हाइपरकार इनोवेशन (अन्वेषण) और सीमाओं को आगे बढ़ाने वाले नवाचार के अपने मूल सिद्धांतों का प्रतीक है।
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एक नया दौर शुरू
सिर्फ 30 यूनिट्स तक सीमित, यह कार अपनी रिकॉर्ड-तोड़ स्पीड और सस्टेनेबल परफॉर्मेंस के दम पर इतिहास में दर्ज हो गई है। यह रिकॉर्ड न सिर्फ स्पीड की परिभाषा बदलता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि भविष्य इलेक्ट्रिक है- अब दुनिया की सबसे तेज कार भी ईवी है।
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