भारत के लिए चिंता की बात
विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट में शामिल 15 शहरों में से 14 भारत के हैं। ऐसे में भारत के लिए यह चिंता की बात है। इसका साफ अर्थ यह भी है कि सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार का वाहनों के लिए नया मानक तय करना बेहद फायदेमंद साबित होगा।
देश में बिकने वाली सभी कंपनियों की डीजल कारें बीएस6 (भारत स्टेज 6) मानक की वजह से प्रभावित होंगी। दरअसल बीएस6 मानक लागू होने के बाद इन कारों की कीमत में वृद्धि हो सकती है। वैसे भी डीजल कारें अपने पेट्रोल वर्जन के मुकाबले महंगी होती हैं।
बीएस6 मानक लागू होने पर इसी के अनुरूप ईंधन भी बिक्री के लिए तैयार होगा। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने बीएस-6 लागू करने की अधिसूचना वर्ष 2017 में ही लागू कर दी थी। हालांकि वाहन निर्माता कंपनियों ने अधिसूचना के खिलाफ समय सीमा बढ़ाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अपील कर दी थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
अब पहले चरण में चारों महानगरों सहित जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान, पश्चिमी यूपी सहित कुछ शहरों में बीएस-6 मानक लागू किया जाएगा। इसके बाद उत्सर्जन के नए नियम देशभर में लागू किए जाएंगे।