वाहन पर लगी नंबर प्लेट से कार के मालिक की असली पहचान होती है। अगर वाहन चलाते समय किसी तरह का हादसा हो जाए तो ऐसी स्थिति में ड्राइवर की पहचान वाहन की नंबर प्लेट से हो सकती है। इसके साथ ही वाहन नंबर प्लेट होने से किसी आपराधिक घटना पर मदद मिलती है। इसके अलावा नंबर प्लेट लगी होने पर कोई कानूनी अधिकारी ड्राइवर को रोककर पूछताछ कर सकता है।
अगर वाहन पर नंबर प्लेट लगी है तो गाड़ी चोरी होने पर उसे बेहतर तरीके से तलाशा जा सकता है। इस तरह वाहन चोरी की संभावनाओं को कम किया जा सकता है। इसके अलावा अगर कभी वाहन खराब हो जाए तो भी नंबर प्लेट की सहायता से उस वाहन को मदद पहुंचाई जा सकती है।
वाहन के दोनों तरफ लगी नंबर प्लेट से सरकार को अच्छी-खासी कमाई भी होती है। नए वाहन के साथ जब भी नंबर प्लेट को आरटीओ की तरफ से जारी किया जाता है तो इसके बदले सरकार को राजस्व मिलता है। वाहन मालिक से मिले राजस्व को सड़के बनाने और उनमें सुधार करने के साथ ही कई अन्य कामों में इस्तेमाल होता है।
वाहन पर लगी नंबर प्लेट से वाहन के बीमा की जानकारी ली जा सकती है। साथ ही वाहन कितने स्तर पर प्रदूषण फैला रहा है, इसकी भी जानकारी ली जा सकती है। वहीं, कुछ देशों में टोल चार्ज और पार्किंग फीस के लिए भी वाहन नंबर प्लेट का इस्तेमाल होता है। अंत में अगर वाहन पर नंबर प्लेट नहीं होगी तो सड़क पर वाहन को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाएगा।