पूरे भारत में एक अप्रैल 2023 से वाहनों के लिए नए नियमों को लागू कर दिया जाएगा। इसमें सबसे बड़ा बदलाव इंजन में होगा। एक अप्रैल से देशभर में सिर्फ उन्हीं वाहनों की बिक्री होगी, जो आरडीई यानि रियल ड्राइविंग एमिशन के साथ आएंगे। हम इस खबर में आपको बता रहे हैं कि आरडीई क्या है और कंपनियां एक अप्रैल से पहले वाहनों के इंजन को क्या अपडेट कर रही हैं।
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क्या है आरडीई
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- फोटो : सोशल मीडिया
आरडीई यानि रियल ड्राइविंग एमिशन। सरकार की ओर से इस नए सिस्टम को एक अप्रैल 2023 से देशभर के नए वाहनों के लिए लागू किया जाएगा। एक अप्रैल 2023 से सिर्फ ऐसे ही वाहनों की बिक्री होगी जो आरडीई के साथ अपडेट होंगे। इस सिस्टम के तहत वाहनों के वास्तविक समय में उत्सर्जन स्तर की निगरानी की जा सकेगी, जबकि इसके पहले किसी भी वाहन के प्रदूषण के स्तर को जांचने के लिए लैब की जरूरत पड़ती थी।
आरडीई को लागू करने के पीछे सरकार का मकसद है कि देशभर में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम किया जाए। वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए सरकार की ओर से समय-समय पर बीएस के कई चरणों को लागू किया गया है। आखिरी बार एक अप्रैल 2020 को सरकार की ओर से बीएस-6 के पहले चरण को लागू किया गया था। जिसके बाद अब एक अप्रैल 2023 से बीएस-6 के दूसरे चरण को लागू किया जाएगा। हर चरण में सरकार वाहनों को और बेहतर बनाने के साथ ही प्रदूषण कम करने के लिए कंपनियों को तकनीक अपडेट करने के लिए निर्देश देती है। इसी क्रम में अब एक अप्रैल से आरडीई को भी वाहनों में अपडेट किया जाएगा।
आरडीई को सभी वाहनों में जरूरी करने से यह फायदा होगा कि इससे प्रदूषण में कमी लाई जा सकेगी। इसके लिए कंपनियों को अपने उत्पादों में दिए जाने वाले इंजन को अपडेट करना होगा। जिसके बाद यह इंजन और बेहतर हो जाएंगे और मौजूदा वाहनों के मुकाबले काफी कम प्रदूषण करेंगे। इसका सीधा फायदा लोगों के स्वास्थ्य पर होगा, क्योंकि बढ़ते प्रदूषण के कारण देशभर में काफी लोगों को गंभीर बीमारियां हो रही हैं साथ ही इसका बुरा असर पर्यावरण पर भी हो रहा है।
आरडीई को लागू करने से जहां पर्यावरण में प्रदूषण कम होगा और लोगों को साफ हवा मिलेगी। वहीं इसका नुकसान भी है। आरडीई के कारण सभी वाहन निर्माता अपने वाहनों को अपडेट कर रहे हैं। जिसका सीधा असर कीमतों पर होगा। अपडेट के कारण कंपनियों पर जो अतिरिक्त भार आएगा, वह सीधा ग्राहकों की जेब पर असर डालेगा। नए साल में पहले ही कई कंपनियों की ओर से वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी की जा चुकी है वहीं आरडीई अपडेट के कारण एक बार फिर वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है।