वीआईपी नंबर प्लेट या फैंसी नंबर प्लेट की दीवानगी में लोग मुंह मांगी कीमत खर्च करने को तैयार हो जाते हैं। ऐसा ही एक मामला चंडीगढ़ में देखने को मिला। यहां रहनेवाले एक शख्स ने अपनी महज 71,000 रुपये कीमत वाली Honda Activa (होंडा एक्टिवा) स्कूटर के लिए एक वीआईपी नंबर प्लेट हासिल करने के लिए 15 लाख रुपये से ज्यादा खर्च कर दिए हैं।
कौन हैं बृज मोहन
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एडवरटाइजिंग के पेशे से जुड़े 42 साल के बृज मोहन ने हाल ही में चंडीगढ़ पंजीकरण और लाइसेंसिंग प्राधिकरण द्वारा आयोजित एक नीलामी में फैंसी नंबर प्लेट हासिल की है। उन्होंने वाहन संख्या CH01-CJ-0001 को हासिल करने के लिए 15.44 लाख रुपये का भुगतान किया।
हमेशा एक्टिवा में नहीं रहेगा यह नंबर
हालांकि, यह महंगी व्हीकल नंबर प्लेट उनके एक्टिवा स्कूटर पर हमेशा नहीं लगी रहेगी। मोहन ने बताया कि वह इसे भविष्य में अपनी कार के लिए इस्तेमाल करने की योजना बना रहे हैं। हालांकि शुरुआत में यह उनके स्कूटर पर दिखेगा। उन्होंने कहा, "मैं अपने एक्टिवा के लिए नंबर का इस्तेमाल करूंगा, जिसे मैंने हाल ही में खरीदा था। लेकिन आखिरकार, इसे मैं कार के लिए इस्तेमाल करूंगा।"
फैंसी नंबरों से कमाए 1.5 करोड़ रुपये
मोहन ने जिस नंबर प्लेट को खरीदा, वह नई सीरीज CH01-CJ के लिए विभिन्न फैंसी वाहन नंबरों की नीलामी का एक हिस्सा थी। यह नीलामी प्रक्रिया 14 अप्रैल से 16 अप्रैल तक आयोजित की गई थी। चंडीगढ़ लाइसेंसिंग प्राधिकरण के एक अधिकारी के मुताबिक, 378 नंबर प्लेट की नीलामी हुई जिससे कुल 1.5 करोड़ रुपये मिले।
लाखों में बिके नंबर
नीलाम किए गए सभी नंबरों में से, मोहन की CH01-CJ-0001 ने 50,000 रुपये के रिजर्व प्राइव की तुलना में सबसे ज्यादा राशि हासिल की। जबकि दूसरी सबसे महंगी नीलामी CH-01-CJ-002 थी, जिसने 5.4 लाख रुपये की राशि हासिल की। तीसरा सबसे ज्यादा राशि हासिल करने वाला नंबर CH-01-CJ-007 था जो 4.4 लाख रुपये में नीलाम हुआ। जबकि CH-01-CJ-003 4.2 लाख रुपये में बिकी। इन नंबरों के लिए रिजर्व प्राइस 30,000 रुपये थी।
2012 में बिकी थी सबसे महंगी नंबर प्लेट
0001 नंबर प्लेट के लिए सबसे ज्यादा बोली 2012 में लगी थी, जब एक वाहन मालिक ने इसे CH-01-AP सीरीज से 26.05 लाख रुपये में खरीदा था। यह नंबर उन्होंने अपनी S-class Mercedes Benz (एस-क्लास मर्सिडीज बेंज) कार के लिए खरीदी थी। इस कार कीमत नंबर प्लेट की कीमत से चार गुना ज्यादा थी।