एसयूवी बनाने के लिए मशहूर भारत की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी Mahindra (महिंद्रा) अब अमेरिका में अपनी Roxor (रॉक्सर) ऑफ-रोडर को बेच सकेगी। फिएट क्रिसलर ऑटोमोबाइल्स (एफसीए) ग्रुप (स्टेलेंटिस) ने डिजाइन उल्लंघन के मामले में अदालत में मुकदमा किया था। जिस पर अदालत ने भारतीय कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाया है। एफसीए ग्रुप ने अपने Jeep (जीप) मॉडल के साथ डिजाइन में समानता के कारण रॉक्सर की बिक्री को रोकने के लिए एक मुकदमा दायर किया था।
क्या है मामला
महिंद्रा ने क्या कहा
एक नियामक फाइलिंग में, महिंद्रा ने कहा, "मिशिगन के पूर्वी जिला न्यायालय ने 19 जुलाई, 2023 को पोस्ट-2020 रॉक्सर में शामिल होने के लिए एफसीए के नए प्रस्ताव पर अपनी राय और आदेश जारी किया है और अपने विश्लेषण के आधार पर, एफसीए द्वारा मांगे गए इस मामले में सुरक्षित दूरी-नियम लागू करने से इनकार कर दिया है। इसके मुताबिक, 2020 के बाद ROXOR में शामिल होने के FCA के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया गया। इस फैसले के साथ, कंपनी की सहायक कंपनी, महिंद्रा ऑटोमोटिव नॉर्थ अमेरिका, संयुक्त राज्य अमेरिका में पोस्ट-2020 ROXOR का उत्पादन, बिक्री और वितरण करने की अपनी क्षमता पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाएगी।"
महिंद्रा ने बदला रॉक्सर का डिजाइन
सब जगह नहीं चलाई जा सकती!
महिंद्रा रॉक्सर एक ऑफ-रोडर है जिसका इस्तेमाल सिर्फ निजी जमीन पर किया जा सकता है। कुछ राज्यों में ऑफ-रोडर को कानूनी सड़कों पर नहीं चलाया जा सकता है, जबकि अमेरिका में चुनिंदा राज्य इसे सार्वजनिक सड़कों पर भी इस्तेमाल करने की इजाजत देते हैं। रॉक्सर को मिशिगन, यूएस में महिंद्रा नॉर्थ अमेरिकी प्लांट में बनाया गया है।