भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में आफ्टरमार्केट कार एक्सेसरीज की एक विस्तृत रेंज उपलब्ध है। जबकि कुछ एक्सेसरीज उपयोगी होती हैं, वहीं कुछ बिल्कुल बेकार भी होती हैं। आइए एक नजर डालते हैं टॉप 5 सबसे बेकार एक्सेसरीज पर जो भारतीय कार मालिकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं।
नकली एग्जॉस्ट टिप्स
कई भारतीयों को अपनी कारों में नकली एग्जॉस्ट टिप्स लगाना पसंद होता है। लेकिन इनका कोई फायदा नहीं होता है। और ये सिर्फ कार की अपील को कम करते हैं। नकली एग्जॉस्ट टिप्स पर पैसा खर्च करना अनिवार्य रूप से समय और संसाधनों की बर्बादी है।
बड़े अलॉय और टायर
ज्यादातर लोग बड़े अलॉय और टायर लेना पसंद करते हैं, क्योंकि ये सड़क पर कार की मौजूदगी को काफी दमदार बनाते हैं। हालांकि, अपनी कार को बड़े अलॉय और टायरों से लैस करने का अलाइनमेंट, फ्यूल एफिशिएंसी और सस्पेंशन जैसे कारकों पर महत्वपूर्ण नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इससे स्टीयरिंग प्रतिक्रिया धीमी हो सकती है। और स्पीडोमीटर की रीडिंग भी गलत हो सकती है।
रियर स्पॉइलर
जबकि रियर स्पॉइलर स्पोर्टी लग सकते हैं। लेकिन एक फैमिली सेडान कार में एक विशाल स्पॉइलर लगाने का कोई व्यावहारिक मकसद नहीं होता है, जब तक कि आप नियमित रूप से ट्रैक पर रेसिंग न कर रहे हों। वास्तविकता में, ये स्पॉइलर ड्रैग बढ़ाते हैं और फ्यूल एफिशिएंसी को कम करते हैं। जिससे वे फायदे की तुलना में नुकसान ज्यादा पहुंचाते हैं।
बुल बार
बुल बार अक्सर कारों के आगे और पीछे लगाए जाते हैं। ये एक्सेसरीज वाहन और पैदल चलने वालों दोनों की सुरक्षा से समझौता करती हैं। मॉडर्न कारें ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम) और पार्किंग में मदद करने वाले सेफ्टी फीचर्स के लिए सेंसर से लैस होती हैं। और बुल बार इन सेंसरों में दखलअंदाजी कर सकते हैं। जिससे खराबी हो सकती है या महत्वपूर्ण सेफ्टी फंक्शन को नाकाम कर सकती है। इसके अलावा, भारत में बुल बार अवैध हैं और इसकी वजह से भारी जुर्माना हो सकता है।
चमकदार रियर बल्ब
भारत में चमकदार रियर बल्ब तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। ब्रेक लगाने पर ये बल्ब चमकते हैं। लेकिन ये अन्य ड्राइवरों के लिए विचलित करने वाले होते हैं और सड़क पर दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।