Electric car EV charging battery at charger station
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लग्जरी कार निर्माता मर्सिडीज-बेंज इंडिया ने एक साझा प्लेटफॉर्म बनाने की वकालत की है जो विभिन्न सर्विस प्रोवाइडर्स (सेवा प्रदाताओं) द्वारा संचालित सभी उपलब्ध ईवी चार्जिंग स्टेशनों के बारे में रियल टाइम जानकारी देगा। ताकि इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों के लिए इसे और ज्यादा सुविधाजनक बनाया जा सके। मर्सिडीज-बेंज इंडिया के एमडी और सीईओ संतोष अय्यर का मानना है कि एक साझा एप इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों की सुविधा बढ़ाने और देश में ईवी अपनाने की दर को बढ़ाने में काफी मददगार साबित होगा।
पीटीआई से बातचीत में अय्यर ने कहा कि इस क्षेत्र में तेजी से विकास के लिए भारत में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को लोकतांत्रिक बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, "आज अगर आप इलेक्ट्रिक कार खरीदते हैं, तो आपको अपने फोन पर 3-4 अलग-अलग एप की जरूरत होती है। हम सरकार से अनुरोध कर रहे हैं कि वह UPI आधारित सिस्टम जैसी कोई चीज लेकर आए।"
Electric Car
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मर्सिडीज-बेंज इंडिया के अधिकारी ने आगे कहा कि भारत वैश्विक डिजिटल प्रौद्योगिकी विकास में अग्रणी है। लेकिन जब इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग की बात आती है, तो अभी भी कई एप हैं, जो उपभोक्ताओं की सुविधा को कम करते हैं। अय्यर ने कहा, "वे (एप) एक-दूसरे से बात नहीं करते हैं...पेमेंट गेटवे सिंक में नहीं हैं...अगर इसे हल किया जा सकता है तो ईवी की सुविधा अगले स्तर पर होगी।"
एक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जर्मनी और दुनिया भर के कई अन्य देशों में मर्सिडीज-बेंज के ग्राहक एक ही एप्लीकेशन से अपनी इलेक्ट्रिक कारों को चार्ज करने सहित कई तरह की सेवाओं के लिए भुगतान करने में सक्षम हैं। हालांकि, भारत में यह संभव नहीं है। अय्यर ने कहा, "लेकिन भारत में हम इसे पूरी तरह से लागू नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि हमारे पास एक भी चार्ज पॉइंट ऑपरेटर नहीं है जो इसे इंटीग्रेट कर सके। इसलिए हम यही अनुरोध करते रहते हैं कि इस सुविधा को ईवी ओनरशिप का मूल बनाइए।"
Electric Vehicles Charging Station
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उनका मानना है कि अगर सिस्टम को सुविधाजनक बनाया जाता है, तो ग्राहक इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख करेंगे। लेकिन अगर यह मुश्किल बना रहता है, तो वे इस सेगमेंट से बाहर रहना चाहेंगे। इसलिए, अय्यर का मानना है कि भारत सरकार को एक प्लेटफॉर्म के साथ आना चाहिए और फिर सभी एग्रीगेटर्स को वहां होना चाहिए। उन्होंने कहा, "भुगतान और चार्जिंग के लिए कम से कम एक प्लेटफॉर्म होना चाहिए।"
दिलचस्प बात यह है कि अय्यर की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब 2023 में ऐसी खबरें आई थीं कि भारत सरकार देश में इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों को मैप पर अपने नजदीकी ईवी चार्जिंग स्टेशनों का पता लगाने में मदद करने के लिए एक मास्टर एप्लिकेशन तैयार कर रही है।