राज्य में टैक्सी की कमी को दूर करने के लिए एक कदम उठाते हुए, तमिलनाडु सरकार ने कार मालिकों को व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए अपनी निजी कारों को टैक्सियों में बदलने की इजाजत दे दी है। पहले, निजी इस्तेमाल की परमिट वाली कारों का कंवर्जन कुछ मॉडलों तक ही सीमित था। लेकिन अब, लग्जरी कारों सहित किसी भी सफेद नंबर प्लेट वाली कार को टैक्सी में बदला जा सकता है। इस फैसले से टैक्सियों की उपलब्धता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कार मालिक जो अपने निजी वाहनों को टैक्सी के रूप में इस्तेमाल करना चाहते हैं या व्यावसायिक उपयोग के लिए घर पर कोई अतिरिक्त कार रखना चाहते हैं। वे टैक्सी परमिट के लिए फाइल करने के लिए अपने संबंधित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) पर जा सकते हैं। मोटर कैब परमिट की फीस 625 रुपये है, जबकि मैक्सी कैब परमिट की फीस 1,150 रुपये है। आरटीओ की मंजूरी पर पांच साल की वैधता के साथ परमिट जारी किया जाएगा।
एक बार परमिट अप्रूव (स्वीकृत) हो जाने के बाद, कार मालिकों को अपनी नंबर प्लेट का रंग पीला करना होगा। इन वाहनों का आरटीओ में सालाना फिटनेस टेस्ट भी किया जाएगा।
इस पहल से कार मालिकों के लिए अतिरिक्त आय के मौका और राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा एक शहर से दूसरे शहर आने-जाने के लिए भी कैब एग्रीगेटर्स द्वारा वसूले जाने वाले भारी शुल्क पर नियंत्रण रखने की भी उम्मीद है। इसके अलावा, राज्य में लग्जरी टैक्सियों की भी कमी है। जिसके कारण, जो पर्यटक और ग्राहक ऐसी कारों में यात्रा करना चाहते हैं, उन्हें पड़ोसी राज्यों से, बढ़े हुए किराए के साथ बुक करना पड़ता है।