हैजर्ड लाइट के उपयोग के नियम
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कार खराब होने पर या अचानक रुकने पर
अगर आपकी कार सड़क के बीच में बंद हो जाए या कोई यांत्रिक दिक्कत हो, तो तुरंत हैजर्ड लाइट ऑन करें। इससे पीछे आने वालों को समय रहते अलर्ट मिल जाएगा।
खतरनाक जगह पर पार्किंग के समय
अंधेरी सड़क, हाईवे किनारा या ब्लाइंड टर्न पर अगर रुकना पड़े, तो हैजर्ड लाइट्स जलाएं। सीएमवीआर (सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल) के अनुसार 50 से 100 मीटर दूर रिफ्लेक्टिव चेतावनी त्रिकोण लगाना अनिवार्य है।
टो करने या टो किए जाने पर
जब वाहन टो किया जा रहा हो या जो गाड़ी को खींच रहा हो, दोनों पर हैजर्ड लाइट्स होनी चाहिए। इससे दूसरे ड्राइवरों को समझ आता है कि ये वाहन धीमी रफ्तार में हैं।
कोहरा, भारी बारिश या धुंध में,लेकिन सिर्फ रुकने पर
कम दृश्यता की स्थिति में हैजर्ड लाइट्स केवल तभी जलाएं जब वाहन पूरी तरह रुका हो। चलते समय इनका जलना कानून का उल्लंघन है।
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- बारिश में चलते समय – यह मोटर वाहन अधिनियम की धारा 177 के तहत अवैध है।
- ओवरटेक या तेज़ गति पर ड्राइव करते समय – यह खतरनाक संकेत है और दूसरों को भ्रमित करता है।
- डबल पार्किंग के दौरान – सड़क के बीच में रुकना खतरनाक है, हैजर्ड लाइट्स जलाने से यह वैध नहीं हो जाता।
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हैजर्ड लाइट्स का गलत उपयोग करने पर 100 से 500 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। बार-बार गलती करने वालों पर ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की कार्यवाही भी हो सकती है। हैजर्ड लाइट्स फंक्शनिंग नियमित रूप में चेक करें। अगर रात में अंधेरी जगह पार्क में करें, तो हैजर्ड और पार्किंग लाइट्स दोनों चालू रखें। हमेशा रिफ्लेक्टिव चेतावनी त्रिकोण बूट में रखें। यह कानूनी रूप से आवश्यक है।
हैजर्ड लाइट्स आपात स्थिति के लिए हैं, सुविधा के लिए नहीं। इन्हें जिम्मेदारी और समझदारी से इस्तेमाल करें, जिससे सड़कें सुरक्षित और अनुशासित रहें। याद रखें गलत संकेत कभी-कभी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।