टेस्ला ने अपने साइबर ट्रकों को रिकॉल करने का एलान किया है। यह रिकॉल एक वीडियो वायरल होने के बाद किया गया है। वीडियो में ट्रक का एक्सेलरेटर पेडल फंस गया था। जिससे संभावित रूप से वाहन में तेजी आ सकती है और दुर्घटना हो सकती है। अब तक जितने भी साइबर ट्रक डिलीवर किए गए हैं, उन्हें वापस ले लिया गया है। इसलिए 3,878 यूनिट्स प्रभावित हुए हैं।
नेशनल हाइवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन (NHTSA) में एक फाइलिंग के मुताबिक, पेडल के ऊपर दिया गया एक्सेलेरेटर पेडल पैड अलग हो सकता है। जो ऊपर की ओर खिसक सकता है और फुटवेल क्षेत्र के ट्रिम के साथ फंस सकता है।
NHTSA ने कहा कि सोमवार तक, टेस्ला को इस मुद्दे से संबंधित किसी भी टक्कर, चोट या मौत की जानकारी नहीं मिली थी। ग्राहक अपने नए एक्सेलेरेटर पेडल कंपोनेंट को फिट करने के लिए अपने साइबर ट्रक को नजदीकी सर्विस सेंटर में ले जा सकते हैं। टेस्ला ने कहा है कि एक्सेलेरेटर पेडल असेंबली का रिप्लेसमेंट बिना किसी शुल्क के किया जाएगा।
इसके अलावा, टेस्ला ने वार्निंग लाइट और फॉन्ट विजिबिलिटी समस्याओं के चलते विभिन्न मॉडलों में लगभग 22 लाख इलेक्ट्रिक कारों को वापस मंगा लिया है। ईवी निर्माता ने कथित तौर पर डैशबोर्ड वार्निंग लाइट के साथ साइबर ट्रक सहित अन्य वाहनों को वापस मंगा लिया है। जिसमें फॉन्ट साइज यूजर्स के देखने और समझने के लिए बहुत छोटा है। नेशनल हाइवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन ने एक आधिकारिक बयान से इसकी जानकारी मिलती है।
इलेक्ट्रिक फोर-व्हीलर निर्माता ने पिछले साल नवंबर में ग्राहकों को साइबर ट्रक पिकअप ट्रक की डिलीवरी शुरू कर दी थी। जो कि मूल शेड्यूल से दो साल बाद शुरू किया गया था। बड़े पैमाने पर उत्पादन कब शुरू हो सकता है, इस अनिश्चितता के बीच कंपनी ने इसकी डिलीवरी चालू कर दी थी। हालांकि टेस्ला धीरे-धीरे उत्पादन को बढ़ाने की कोशिश कर रही है। लेकिन इसकी अनोखी निर्माण प्रक्रिया के कारण इसमें कुछ समय लग सकता है। मॉडल का AWD वर्जन की कीमत 80,000 डॉलर या लगभग 66 लाख रुपये से शुरू होती है। जबकि रेंज-टॉपिंग वर्जन लगभग 100,000 डॉलर या लगभग 83 लाख रुपये का है।
इस समय, एलन मस्क भारत दौरे के दौरान 2-3 अरब डॉलर के निवेश का अनावरण कर सकते हैं। वह भारत में टेस्ला के भविष्य पर चर्चा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। मस्क प्लांट के निर्माण के लिए समय सीमा या भारतीय राज्य जैसे डिटेल्स का खुलासा किए बिना भारत के लिए एक निवेश राशि का एलान कर सकते हैं।