सवालों के घेरे में ऑटोपायलट सिस्टम
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अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट को के एक जज ने 98 पन्नों के फैसले में कहा कि पीड़ित पक्ष ने यह साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत पेश किए हैं कि टेस्ला की ऑटोपायलट प्रणाली की खामियां इस हादसे का अहम कारण हो सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही चालक ने खुद माना कि वह सावधानी से नहीं चला रहा था, लेकिन सिर्फ इसी वजह से उसे पूरी तरह जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, खासकर जब उसने यह उम्मीद की थी कि ऑटोपायलट खुद-ब-खुद टक्कर से बचाएगा। इस केस की सुनवाई अब 14 जुलाई को शुरू हो सकती है, जिसमें कोर्ट अहम फैसला सुना सकती है।
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पहले भी हो चुके हैं कई हादसे
ऑटोपायलट मोड में चलने वाली टेस्ला कार से हादसों के मामले नए नहीं हैं। टेस्ला ऑटोपायलट सिस्टम आजकल की कारों में आने वाले 'ड्राइवर असिस्टेंट सिस्टम' का एडवांस लेवल है। ये कारें खुद-ब-खुद चल सकती हैं, लेकिन कई कंडिशन में इन्हें ड्राइवर द्वारा कंट्रोल करने की जरूरत पड़ती है। टेस्ला की ऑटोपायलट कार खरीदने वाले ग्राहक कई बार कंपनी द्वारा दी जाने वाली इन चेतावनियों को नजरअंदार करते हैं, जिसके चलते गंभीर हादसे होते हैं।
वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, टेस्ला की ऑटोपायलट कारों से हुए हादसों में पिछले कुछ वर्षों में इजाफा हुआ है। हादसों के आंकड़ों पर नजर डालें तो अमेरिका में 2019 के बाद 736 से ज्यादा एक्सीडेंट के मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं, इन हादसों में कुल 17 मौतें हुई हैं। इन हादसों से यह तो साफ है कि कारों में ऑटोपायलट तकनीक को अब भी काफी सुधार की जरूरत है और अभी इनपर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता है।