Suzuki Motor Corporation (सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन) ने मंगलवार शाम को एक बयान जारी किया जिसमें उसने पाकिस्तान में सुजुकी डीलरशिप द्वारा कश्मीर पर किए गए विवादास्पद सोशल मीडिया पोस्ट से खुद को दूर कर लिया। जिन पोस्टों में 'कश्मीर में स्वतंत्रता के लिए संघर्ष' की बात की गई थी, उन्होंने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर एक बड़ा तूफान खड़ा कर दिया है। जिसमें इंटरनेट यूजर्स ने उन ब्रांडों के उत्पादों का बहिष्कार करने का आह्वान किया, जिनके पाकिस्तानी सहयोगियों ने कश्मीर से जुड़े संदेश पोस्ट किए थे।
सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन ने मांगी माफी
मंगलवार को अपने बयान में, जिसे मारुति सुजुकी द्वारा भी साझा किया गया था, सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन ने भारत के लोगों से माफी मांगते हुए यह भी रेखांकित किया कि विवादास्पद सोशल मीडिया पोस्ट उसके द्वारा अधिकृत नहीं थे। बयान में कहा गया है, "सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन का लक्ष्य अपने उत्पादों, सेवाओं, नैतिक व्यापार आचरण और सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में सामाजिक जिम्मेदारी प्रयासों के जरिए दुनिया भर में भरोसेमंद कंपनी बनना है।"
बयान में आगे कहा गया, "कॉर्पोरेट नीति के रूप में, हम दुनिया के किसी भी हिस्से में किसी भी राजनीतिक या धार्मिक झुकाव के साथ जुड़ाव नहीं रखते हैं। इन विषयों पर हमारे डीलरों या व्यावसायिक सहयोगियों से ऐसा संचार न तो हमारी कंपनी का प्रतिनिधित्व करते हैं और न ही हमारे द्वारा अधिकृत हैं। हम इस तरह के असंवेदनशील संचार के कारण भावनाओं को आहत करने के लिए गहरा खेद व्यक्त करते हैं। इस संबंध में हमारी कंपनी की नीति का सख्ती से पालन करने के लिए हमारे व्यावसायिक सहयोगियों को सलाह देने की हमारी लगातार कोशिश जारी रहेगी।"
इस मामले पर बयान जारी करने वाली सुजुकी अकेली नहीं थी। और न ही सिर्फ सुजुकी अकेली कंपनी है जिसे इतने बड़े पैमाने पर ऑनलाइन गुस्से का सामना करना पड़ा है।
ह्यूंदै और किआ ने भी मांगी माफी
Hyundai Motor India (ह्यूंदै मोटर इंडिया) और Kia India (किआ इंडिया) ने भी इसी तरह के बयान जारी किए और कश्मीर से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट के लिए पाकिस्तान में अपने डीलर और / या व्यापार सहयोगी को दोषी ठहराया। दोनों कंपनियों ने कहा कि ये संदेश अधिकृत नहीं थे। दोनों दक्षिण कोरियाई कार ब्रांडों ने अपने-अपने बयानों में इस बात पर रोशनी डाली कि राजनीतिक, धार्मिक या सांस्कृतिक मामलों पर टिप्पणी नहीं करने पर कंपनी की नीति स्पष्ट है। दोनों ब्रांडों ने भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए माफी भी जारी की।
राज्यसभा में भी उठा मामला
यह पूरा मामला तब से गरमा गया है जब पिज्जा हट और केएफसी समेत कई ब्रांड ने अपने पाकिस्तान स्थित हैंडल पर कश्मीर से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट डाले। इनमें से ज्यादातर ब्रांडों ने स्पष्ट किया है कि ये सोशल मीडिया पर डाले गए ये संदेश अधिकृत नहीं थे और उन्होंने माफी जारी की है। भारत सरकार ने भी उस सोशल मीडिया पोस्ट का कड़ा विरोध किया है और मामला राज्यसभा में भी उठाया गया था।