कार निर्माता कई कारों में (ईएससी) की सुविधा देती हैं। अगर कार में ईएससी फीचर है तो यह कार को नियंत्रित रखता है, ऐसे में सड़क पर कार चलाते समय कार का अचानक से संतुलन नहीं बिगड़ता है। अगर किसी स्थिति में कार का संतुलन बिगड़ने लगता है तो ईएससी फीचर ऑन हो जाता है। इसके बाद कार अपना नियंत्रण नहीं खोती है। कई बार ऐसा होता है कि कार में अचानक से ब्रेक लगाना पड़ता है या फिर कार को किसी मोड़ पर घुमाते वक्त कार फिसलने लगती है और अपना संतुलन खोने लगती है। ऐसी कंडीशन में ईएससी फीचर ऑन हो जाता है, इसके बाद कार सही स्थिति में चलने लगती है।
जब भी कार अपना संतुलन खोने लगती है या फिर कार फिसलने लगती है तो ईएससी फीचर एक्टिव हो जाता है। इसके बाद यह सुविधा कार के चारों पहियों पर बराबर प्रेशर लगाकर कार को रोकना का काम करता है। ईएससी फीचर कार की रफ्तार और कार के स्टीयरिंग व्हील की हरकत पर नजर रखता है। इसके बाद व्हील सेंसर की मदद से कार को नियंत्रित करने का प्रयास करता है।
कार में मिलने वाले ईएससी फीचर का फायदा और नुकसान भी है। अगर कार की गति कम है तो यह फीचर अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करता है। हालांकि, अगर कार की रफ्तार बहुत तेज है तो कई बार यह फीचर सही से काम नहीं करता है और कार हादसे का शिकार हो जाती है।