वाहन चालक जब भी कार के ब्रेक पैडल को दबाते हैं तो ब्रेक पैडल हर हाइड्रोलिक ब्रेक पैडल पर लगे डिस्क और ड्रम ब्रेक में घर्षण पैदा करते हैं। इसी घर्षण की वजह से कार की गति धीरे-धीरे कम हो जाती है, इस दौरान ब्रेक से एनर्जी पैदा होती है। इस एनर्जी से रिजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम कार की बैटरी को चार्ज करता है।
वहीं, एक सामान्य कार में ब्रेक पैडल दबाने से जो एनर्जी पैदा होती है, उसका कोई इस्तेमाल नहीं होता है। यही वजह है कि यह एनर्जी बर्बाद हो जाती है। इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कार में ब्रेक लगाने की प्रक्रिया से पैदा होने वाली एनर्जी को बर्बाद नहीं होने दिया जाता है।
कार बाजार में आने वाली कई एडवांस पेट्रोल और डीजल कारों में रिजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम के जरिए गाड़ी के कई पार्ट्स को इलेक्ट्रिक आपूर्ति होती है। ऐसा करने से फ्यूल की खपत कम हो जाती है। मगर इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कार में रिजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम काफी अलग होता है। साथ ही इन कारों में रिजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम काफी अहम होता है, जिसकी वजह से कार की बैटरी को चार्ज किया जा सकता है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कार में रिजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम दो तरह से काम करता है। पहले कार के पहियों को रफ्तार मिलती है और दूसरा बैटरी को चार्ज करने का काम करता है। इसके लिए कार के मीटर पर रिजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम लगाया जाता है। इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कार की रेंज बढ़ाने के लिए रिजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जा सकता है। कार में इसकी सेटिंग को अलग-अलग निर्धारित कर सकते हैं। साथ ही जरूरत न होने पर इस सिस्टम को बंद भी किया जा सकता है।