बिहार की राजधानी पटना के निवासी जल्द ही खुश हो सकते हैं। क्योंकि शहर अगले साल अपनी पहली मेट्रो सेवा शुरू करने के लिए तैयार है। इसका पहला रूट, बैरिया बस टर्मिनल से मालाही पाकड़ी तक, एक ऊंचे ट्रैक पर 6.4 किलोमीटर की दूरी तय करेगा। जिससे हजारों निवासियों के लिए आने-जाने की समस्या कम हो जाएगी। इस कॉरिडोर के साथ स्टेशनों का निर्माण वर्तमान में चल रहा है, जिसमें पिलरों को लगाने के काम में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। शहरी विकास मंत्री नितिन नवीन ने शेष बुनियादी ढांचे को समय पर पूरा करने के लिए तेजी से प्रयास करने का निर्देश दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इसके 2025 तक शुरू होने की उम्मीद है।
पटना मेट्रो की खास बातें
रूट और स्टेशन
पटना मेट्रो का पहला परिचालन खंड, जिसे कॉरिडोर दो के नाम से जाना जाता है, में पांच ऊंचे स्टेशन शामिल होंगे: पाटलिपुत्र बस टर्मिनल, जीरो माइल, भूतनाथ, खेमनीचक और मालाही पाकड़ी। कुल 6.63 किलोमीटर में फैला यह खंड यात्रियों के लिए निर्बाध संपर्क की सुविधा प्रदान करेगा।
क्या है प्रोजेक्ट
व्यापक पटना मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत, जिसमें दो कॉरिडोर शामिल हैं, कुल 24 स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं। इनमें 12 भूमिगत (अंडरग्राउंड) और 12 एलिवेटेड स्टेशन शामिल हैं। जो पूरे शहर में अर्बन मोबिलिटी (शहरी गतिशीलता) को बढ़ाने के लिए रणनीतिक रूप से स्थित हैं।
कॉरिडोर डिटेल्स
कॉरिडोर-1 17.93 किलोमीटर में फैला है, जिसमें 7.39 किलोमीटर एलिवेटेड और 10.54 किलोमीटर अंडरग्राउंड है। कॉरिडोर-2, शुरुआती कार्यों का केंद्र बिंदु, 14.55 किलोमीटर को कवर करता है, जिसमें 6.63 किलोमीटर एलिवेटेड और 7.92 किलोमीटर अंडरग्राउंड शामिल है।
पटना मेट्रो की शुरुआत शहर के बुनियादी ढांचे के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। जो इसकी बढ़ती आबादी के लिए तेज, ज्यादा कुशल यात्रा विकल्प का वादा करता है। निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ने के साथ, मेट्रो नेटवर्क आने वाले वर्षों में पटना में अर्बन ट्रांसपोर्टेशन (शहरी परिवहन) को बदलने के लिए तैयार है।