कहां से आए सबसे ज्यादा और सबसे कम केस?
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों से पता चलता है कि राजधानी के अलग-अलग इलाकों में यह समस्या कितनी व्यापक है:
- नॉर्दर्न रेंज से सबसे ज्यादा 4,581 चालान जारी किए गए। इस क्षेत्र में रोहिणी, बाहरी उत्तर दिल्ली और उत्तर-पश्चिम दिल्ली जैसे इलाके आते हैं।
- ईस्टर्न रेंज (पूर्वी दिल्ली, शाहदरा और उत्तर-पूर्वी दिल्ली) से 3,183 चालान सामने आए। अधिकारियों के मुताबिक, यहां सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीना आम बात है।
- सेंट्रल रेंज (चांदनी चौक, कश्मीरी गेट, पुरानी दिल्ली और दिल्ली यूनिवर्सिटी नॉर्थ कैंपस) में 2,779 चालान कटे।
- साउदर्न रेंज (हौज खास, कुतुब मीनार, लाजपत नगर जैसे नाइटलाइफ से जुड़े इलाके) में 2,424 चालान जारी हुए।
- वेस्टर्न रेंज (राजौरी गार्डन, पंजाबी बाग, द्वारका, बाहरी पश्चिम दिल्ली) में 2,271 केस दर्ज किए गए।
- जबकि न्यू दिल्ली रेंज, जिसमें कनॉट प्लेस, इंडिया गेट, जनपथ और चाणक्यपुरी जैसे इलाके आते हैं, यहां सबसे कम 1,370 चालान जारी किए गए।
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नॉर्दर्न रेंज में सबसे ज्यादा मामले क्यों
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नॉर्दर्न रेंज की डीसीपी ट्रैफिक संध्या स्वामी ने कहा कि, नॉर्दर्न रेंज के इलाके में कई इंडस्ट्रियल जोन और हाईवे मौजूद हैं जैसे नरेला, बवाना, नेताजी सुभाष प्लेस। यहां बड़ी संख्या में मॉल और बाजार भी हैं। दिल्ली को हरियाणा से जोड़ने वाले हाईवे से भारी ट्रैफिक निकलता है। और इसी के चलते यहां शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामले सबसे ज्यादा आते हैं।
उन्होंने बताया कि पुलिस विशेष रूप से चार-चक्का वाहनों पर फोकस करती है क्योंकि गंभीर हादसे इन्हीं से ज्यादा होते हैं। वीकेंड पर खास चेकिंग ड्राइव भी चलाई जाती है। अगर कोई नशे में मिलता है और गाड़ी में दूसरा व्यक्ति मौजूद है, तो उसी से गाड़ी चलवाई जाती है। लेकिन कमर्शियल वाहनों को सीधा जब्त कर लिया जाता है।
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दोबारा पकड़े जाने पर बड़ी सजा
शराब पीकर गाड़ी चलाना नॉन-कंपाउंडेबल (गैर-समझौता योग्य) अपराध की श्रेणी में आता है। इसका मतलब है कि आरोपी को सीधा कोर्ट जाना पड़ता है और वहीं जुर्माना या सजा तय होती है। इतना ही नहीं, पुलिस वाहन को भी जब्त कर लेती है।
2025 में अब तक 154 लोग दोबारा इसी अपराध में पकड़े गए हैं। मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार, तीन साल के भीतर अगर कोई दोबारा पकड़ा जाता है तो उस पर 15,000 रुपये का जुर्माना, और/या दो साल की जेल और/या ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किए जाने की कार्रवाई हो सकती है।
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गंभीर हादसों में दर्ज होता है आपराधिक मामला
अगर शराब पीकर गाड़ी चलाने से किसी की मौत या गंभीर चोट होती है, तो पुलिस भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 125 के तहत मामला दर्ज कर सकती है, जो लापरवाही से जान को खतरे में डालने वाले कृत्य से जुड़ी है।
हाल के हादसे जो दिल दहला देते हैं
9 जुलाई को वसंत विहार में एक तेज रफ्तार ऑडी कार ने फुटपाथ पर सो रहे लोगों को कुचल दिया। इसमें एक 8 साल की बच्ची समेत 5 लोग घायल हुए। 29 मई को जनकपुरी में एक नाबालिग ने नशे में गाड़ी चलाते हुए पहले दो साइकिल सवारों को टक्कर मारी, फिर सड़क किनारे बनी झुग्गी में घुस गया। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई और एक गर्भवती महिला और बच्चा घायल हो गए।
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