ओडिशा राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) ने चालकों को सलाह दी है कि लंबी दूरी तय करते समय रोड हिप्नोसिस (सड़क सम्मोहन) से बचें ताकि दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके।
ओडिशा राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) ने चालकों को सलाह दी है कि लंबी दूरी तय करते समय रोड हिप्नोसिस (सड़क सम्मोहन) से बचें ताकि दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके।
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सड़क सम्मोहन एक शारीरिक स्थिति है जिसके बारे में ज्यादातर ड्राइवरों को जानकारी नहीं होती है और यह अक्सर रात में होता है। चालक की आंखें खुली होने के बावजूद भी दिमाग अचेतन अवस्था में चला जाता है।
एक ही रास्ते पर लगातार ढाई घंटे गाड़ी चलाने के बाद सड़क सम्मोहन की स्थिति शुरू हो जाती है। इस अवस्था में, हालांकि आंखें खुली होती हैं, मस्तिष्क कुछ भी याद नहीं रख पाता या समझ नहीं पाता है।
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एसटीए ने एक बयान में कहा कि सड़क सम्मोहन से जुड़े हादसे अब एक बड़ी समस्या के रूप में सामने आए हैं।
बयान में कहा गया है कि दुर्घटना से 15 मिनट पहले तक चालक को कुछ भी पहचानने या याद करने में परेशानी हो सकती है। व्यक्ति को यह भी नहीं पता चलता कि वो कितनी तेज रफ्तार से गाड़ी चला रहा है या सामने वाला वाहन कितनी रफ्तार से चल रहा है।
पिछले कुछ वर्षों के दुर्घटना डेटा के आंकड़ों से पता चला है कि सड़क सम्मोहन दुर्घटनाओं के कई कारणों में से एक है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, ओडिशा में 2023 में पीछे से टक्कर मारने के कारण हुई 2,496 दुर्घटनाओं में 1,198 लोगों की मौत हुई और 1,272 लोग घायल हुए।
इसी तरह, वाहनों के एक तरफ से टक्कर होने के कारण 639 सड़क दुर्घटनाओं में 274 लोग मारे गए और 354 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
एसटीए के मुताबिक, स्थिर वस्तुओं से टकराने के कारण भी कुल 763 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 373 लोग मारे गए और 422 लोग घायल हुए।
इसे देखते हुए परिवहन प्राधिकरण द्वारा जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। सर्दियों के दौरान, एसटीए लंबी दूरी तय करने वाले चालकों को चाय पिलाता है।
राज्य परिवहन आयुक्त अमिताभ ठाकुर ने बताया कि लंबी यात्राओं पर जाते समय और लगातार ढाई घंटे गाड़ी चलाने के बाद, चालकों को कुछ मिनट का आराम करने, अपना चेहरा धोने, थोड़ा चलने और पांच से छह मिनट आराम करने की जरूरत होती है। उन्होंने बताया कि तरोताजा होने के लिए चाय या कॉफी पिएं।
उन्होंने कहा, "यात्रा तभी शुरू करें, जब आप पूरी तरह से तरोताजा महसूस करें। रात में गाड़ी चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें। न सिर्फ चालकों बल्कि यात्रियों को भी इस संबंध में सावधान रहना चाहिए। और चालक की ड्राइविंग शैली पर नजर रखनी चाहिए और उन्हें चेतावनी देनी चाहिए। यात्रियों के सो जाने से सड़क पर थकान का खतरा बढ़ जाता है।"