ट्रांसपोर्ट कमीशनर ने कहा कि ऐसे वाहनों पर न सिर्फ जुर्माना लगाया जाए बल्कि वाहनों को जब्त भी कर लिया जाए। साथ ही नियमों के मुताबिक, उनके खिलाफ मामला भी दर्ज किया जाए। राज्य के सभी उपकमीशनर और स्थानीय परिवहन अधिकारियों यानी आरटीओ को यह निर्देश दिए गए हैं कि राज्यभर में वाहनों की फिटनेस और पंजीकरण सर्टिफिकेट का निरीक्षण करने को कहा है।
केंद्रीय मोटर वाहन एक्ट 1988 के तहत सभी वैध परिवहन वाहनों के लिए वैध पंजीकरण और वैध फिटनेस प्रमाण पत्र होना जरूरी है। साथ ही नॉन परिवहन वाहनों के पास वैध पंजीकरण दस्तावेजों का होना जरूरी है। बयान में आगे कहा गया है कि जागरुकता अभियान को फिर से चलाया जा रहा है। इस दौरान कुछ वाहन चालकों ने नियमों का उल्लंघन किया है और कुछ वाहन हादसों में शामिल रहे हैं।
वाहनों के बिना वैध फिटनेस और पंजीकरण सर्टिफिकेट के बीमा कंपनियां वाहनों के हादसा होने पर क्लेम मांगने पर नहीं देंगी। बयान में आगे कहा गया है कि यह निर्धारित किया गया है कि जो वाहन चालक नियमों का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का दौर जारी रहेगा। वहीं, आरटीओ ने राज्य के सभी टोल प्लाजा से अनुरोध किया है कि ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई का दौर जारी रखा जाए।
राज्य के परिवहन कमीशनर ने कहा है कि परिवहन विभाग मोटर नियमों का पालन न करने वाले के खिलाफ ऐसा अभियान जारी रखेगा। साथ ही छात्रों की सुरक्षा में भी किसी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी। परिवहन कमीशनर ने सभी आरटीओ को निर्देश दिया है कि सभी शिक्षा संस्थानों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाए, जो बिना वैध फिटनेस और जरूरी दस्तावेजों के छात्रों को अनुमति दे रहे हैं। किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए मोटर नियमों के सभी कानूनों का सही ढंग से पालन करें।