बसों की सुरक्षा पर नया नियम लागू
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि मंत्रालय की ओर से लागू किया गया नया बस कोड (Bus Code) देशभर में बस आग जैसी घटनाओं को रोकने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि यह कोड न सिर्फ फायर सेफ्टी स्टैंडर्ड्स को मजबूत बनाता है। बल्कि गैरकानूनी रूप से बदली गई स्लीपर बसों पर जेल की सजा का प्रावधान भी करता है।
गडकरी ने कहा, "अब सभी बसें स्टैंडर्ड मैन्युफैक्चरिंग के तहत बनेंगी, जिनमें बेहतर फायर सेफ्टी सिस्टम मौजूद होगा। जो बसें इस नए कोड के हिसाब से बनाई जाएंगी, वे आग नहीं पकड़ेंगी। और देश की हर बस को इस कोड का पालन करना ही होगा।"
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कर्नूल हादसे पर बड़ा खुलासा
नितिन गडकरी ने इस महीने की शुरुआत में हुए कर्नूल बस हादसे का जिक्र करते हुए कहा कि जिस बस में आग लगी थी, वह गैरकानूनी तरीके से सीटर से स्लीपर बस में बदली गई थी और एक फर्जी लोगो के तहत चल रही थी।
उन्होंने चेतावनी दी कि अब अगर कोई भी व्यक्ति नियमों के खिलाफ बस को मॉडिफाई करता हुआ या गैरकानूनी स्लीपर बसें चलाते हुए पकड़ा गया, तो उसे सीधे जेल भेजा जाएगा।
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1 सितंबर 2025 से पूरे देश में लागू नया कोड
यह संशोधित बस कोड यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और असुरक्षित बस मॉडिफिकेशन पर रोक लगाने के लिए लाया गया है। यह नया नियम 1 सितंबर 2025 से पूरे देश में लागू हो चुका है। गडकरी का कहना है कि इसके बाद यात्रियों को ज्यादा सुरक्षित और स्टैंडर्ड क्वालिटी की बसों में सफर करने का भरोसा मिलेगा।
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