भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने हरियाणा सरकार से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) द्वारा प्राथमिकता के आधार पर द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ सर्विस रोड, ई-वे के साथ आवासीय क्षेत्रों में नालियों और बाजघेरा में अतिक्रमण जैसे मुद्दों को उठाया और हल किया जाए। एनएचएआई अध्यक्ष ने गुरुवार को यह भी शिकायत की कि प्राधिकरण द्वारा बार-बार किए गए अनुरोधों के बावजूद काम नहीं किया गया है।
द्वारका एक्सप्रेसवे 9000 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है और इसे चार पैकेजों में बनाया जा रहा है। जबकि पैकेज तीन और चार गुरुग्राम में हैं और 19 किलोमीटर लंबे हैं, पैकेज एक और दो दिल्ली में हैं और ये दोनों लगभग 10 किलोमीटर लंबे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्च के पहले सप्ताह में सड़क का उद्घाटन करने की संभावना है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एनएचएआई के अध्यक्ष संतोष कुमार यादव ने हरियाणा के मुख्य सचिव संजीव कौशल को लिखे पत्र में कहा कि द्वारका एक्सप्रेसवे एक एक्सेस कंट्रोल्ड रोड (पहुंच-नियंत्रित सड़क) है। और इसे ध्यान में रखते हुए, निर्दिष्ट बिंदुओं पर प्रवेश और निकास दिया जाता है, जिसके लिए जीएमडीए को इसके साथ सर्विस रोड बनाना है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया है।
यादव ने पत्र में कहा कि गुरुग्राम की मास्टर प्लान को ध्यान में रखते हुए निर्दिष्ट स्थानों पर द्वारका एक्सप्रेसवे पर प्रवेश और निकास के साथ, द्वारका एक्सप्रेसवे की परिकल्पना एक पहुंच-नियंत्रित एक्सप्रेसवे के रूप में की गई है। उन्होंने पत्र में कहा, "जीएमडीए द्वारा सेक्टर रोड के निर्माण में देरी के कारण, स्थानीय यातायात अनधिकृत तरीके से एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल कर रहा है, जो एक संभावित सड़क सुरक्षा खतरा है। एनएचएआई से जीएमडीए और जिला प्रशासन को कई बार अनुरोध के बावजूद, अनधिकृत पहुंच को रोकने और हादसों को रोकने के लिए उनकी तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।"
मामले से जुड़े एक वरिष्ठ एनएचएआई अधिकारी ने कहा कि उन्होंने बार-बार जीएमडीए के साथ इन मामलों को उठाया है लेकिन सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की है। अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "बार-बार याद दिलाने के बावजूद, कोई काम नहीं हुआ है, जिसके कारण मामले को उच्चतम स्तर पर उठाया गया है।"
एनएचएआई के अध्यक्ष ने आगे कहा कि जीएमडीए को एक्सप्रेसवे के साथ सड़क और उसके साथ के आवासीय क्षेत्रों में जलभराव से बचने के लिए दिल्ली हरियाणा सीमा से बसाई रोड ओवर ब्रिज तक एक सेक्टर नाला बनाना था। उन्होंने कहा, "विभिन्न मंचों पर एनएचएआई की कई अपील के बावजूद, जीएमडीए द्वारा जलभराव और संभावित स्वास्थ्य और सुरक्षा समस्याओं को रोकने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।"
एनएचएआई ने यह भी कहा है कि जीएमडीए बार-बार अनुरोधों के बावजूद बाजघेरा अंडरपास में भूमि प्रदान करने में नाकाम रहा है। जिसकी वजह से सिर्फ 3 मीटर का स्लिप रोड बनाया जा सकता था। उन्होंने कहा, "जीएमडीए इस जगह पर आवश्यक भूमि प्रदान नहीं कर सका। द्वारका एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा हो चुका है और जब भी उन्हें जमीन उपलब्ध होगी, जीएमडीए द्वारा स्लिप रोड को चौड़ा करने की आवश्यकता हो सकती है।"