बहु-राष्ट्रीय ऑटो निर्माता Stellantis (स्टेलंटिस) ने एलान किया है कि उसने चीनी कार निर्माता कंपनी GAC (जीएसी) के साथ घाटे में चल रहे जॉइन्ट वेंचर को खत्म कर दिया है, जो चीन में ब्रांड के लिए जीप वाहनों का उत्पादन कर रहा है। स्टेलंटिस ने यह कदम इसलिए उठाया है क्योंकि वह कारोबार पर नियंत्रण करने के अपनी कोशिश में नाकाम हो गई। कंपनी ने कहा कि स्टेलंटिस अपने पहले छमाही के नतीजों के लिए लगभग 297 मिलियन यूरो (299.5 मिलियन डॉलर) की गैर-नकद हानि को पहचान लेगा।
हाल ही में, चीन में अंतरराष्ट्रीय वाहन निर्माताओं और स्थानीय भागीदारों के बीच विभिन्न जॉइन्ट वेंचर (संयुक्त उद्यम) दबाव में आ गए हैं क्योंकि प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है। जबकि कोविड-19 महामारी के बाद लगे लॉकडाउन ने उत्पादन और बिक्री को भी प्रभावित किया है। स्टेलंटिस के प्रवक्ता ने कहा, "हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि संयुक्त उद्यम को बंद करना बेहतर था।" साथ ही उन्होंने कहा कि उद्यम घाटे में चल रहा था और कार निर्माता अभी भी अपने डीलर नेटवर्क के जरिए चीन में काम कर सकता है।
जीएसी के साथ संयुक्त उद्यम 2010 से है जब उसने फिएट क्रिसलर के साथ साझेदारी की थी, जिसका बाद पीएसए के साथ विलय कर दिया गया था और स्टेलेंटिस बनी। लेकिन स्टेलेंटिस अब मुख्य कार्यकारी कार्लोस तवारेस के तहत अपने वैश्विक ढांचे के व्यापक सरलीकरण के हिस्से के रूप में देश में अपनी रणनीति में फेरबदल करना चाहता है। वर्तमान में चीनी ऑटो बाजार में इसकी 1 प्रतिशत से भी कम हिस्सेदारी है।
मार्च में, स्टेलेंटिस ने अपनी 2030 की व्यावसायिक योजना जारी करते हुए कहा कि वह देश में एक 'एसेट-लाइट' बिजनेस मॉडल को अपनाएगी, जहां उसका चीन के डोंगफेंग के साथ एक संयुक्त उद्यम भी है। जीएसी वेंचर, जिसने पिछले साल बिक्री में 50 प्रतिशत की गिरावट देखी, ने मार्च में एक प्लांट बंद कर दिया और डोंगफेंग वेंचर ने हाल ही में अतिरिक्त क्षमता के कारण दो प्लांट बंद कर दिए।
2030 तक, स्टेलंटिस का लक्ष्य अपने चीन के राजस्व को 20 बिलियन यूरो (20.3 बिलियन डॉलर) तक पहुंचाना है, जो कुल अपेक्षित राजस्व का 7 प्रतिशत है। जो 2021 में चीन, भारत और एशिया प्रशांत क्षेत्र के 3.9 बिलियन यूरो से भारी उछाल है।