मारुति सुजुकी के लिए बीता फेस्टिव सीजन काफी शानदार रहा है। कंपनी ने इस दौरान बड़ी संख्या में कारों की डिलीवरी की है। लेकिन अभी-भी कंपनी की कार खरीदने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति की कार खरीदने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कंपनी की कई कारों पर लंबा वेटिंग पीरियड है। इस परेशानी को देखते हुए कंपनी ऐसा काम करने जा रही है। जिसके बाद बुकिंग करवाने वालों को नई कार की डिलीवरी के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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कितना है बैकलॉग
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- फोटो : सोशल मीडिया
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी के पास अभी चार लाख से ज्यादा ऑर्डर का बैगलॉग है। इसका कारण ये है कि देश में अभी भी कंपनी की कारों पर ज्यादा भरोसा किया जाता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी की ऑल्टो, वैगनआर, स्विफ्ट और बलेनो की भारतीय बाजार में सबसे ज्यादा डिमांड है। अक्तूबर 2022 में कंपनी की यह चारों हैचबैक टॉप-5 में शामिल रहीं। सिर्फ एक महीने में ही कंपनी की इन कारों की 76 हजार से ज्यादा यूनिट्स की बिक्री हुई है। इनके अलावा कंपनी की ब्रेजा और ग्रैंड विटारा को भी जोरदार रिस्पांस मिला है। जिसकी बदौलत कंपनी के पास चार लाख से ज्यादा कारों के ऑर्डर पेंडिंग हैं।
बैकलॉग कम करने के लिए कंपनी इस तरीके को अपनाने जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी मानेसर प्लांट में प्रोडक्शन को बढ़ा सकती है। मानेसर प्लांट में उत्पादन को दो लाख यूनिट तक बढ़ाया जा सकता है। जिसके बाद ये आंकड़ा 17 लाख तक हो सकता है। इनके अलावा मारुति साल 2025 तक सोनीपत में भी नया प्लांट शुरू करने वाली है। जिसकी क्षमता पहले चरण में 2.5 लाख यूनिट्स की होने की उम्मीद है।
मौजूदा समय में कंपनी मानेसर और गुरूग्राम प्लांट में वाहनों का उत्पादन करती है। इन दोनों प्लांट में कंपनी 15 लाख यूनिट्स का उत्पादन करती है। गुरूग्राम प्लांट में अर्टिगा, एक्सएल6 और ईको जैसी कारों को बनाया जाता है। मानेसर प्लांट में कंपनी ऑल्टो, एस प्रेसो, वैगन आर, सेलेरियो, ब्रेजा और डिजायर जैसी कारों को बनाती है।