दबाव में भी मजबूती से डटे रहते हैं कुश मैनी
बंगलूरू के रहने वाले कुश मैनी ने क्वालिफाइंग रेस में 10वीं पोजिशन हासिल की थी। लेकिन फॉर्मूला 2 की रिवर्स ग्रिड प्रणाली की वजह से उन्हें स्प्रिंट रेस में पहले नंबर से शुरुआत करने का मौका मिला। 30-लैप की इस कठिन रेस में उन्होंने अपने धैर्य और कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। एल्पाइन एफ1 टीम के टेस्ट और रिजर्व ड्राइवर के तौर पर उन्होंने दिखाया कि दबाव में भी वो कैसे बेहतरीन प्रदर्शन कर सकते हैं। इस रेस में उनके पीछे लगातार इटली के गेब्रिएले मिनी बने रहे, जो खुद भी एल्पाइन अकादमी से हैं। लेकिन मैनी ने उन्हें ओवरटेक करने का कोई मौका नहीं दिया और जीत अपने नाम कर ली।
रेस की शुरुआत में कैम्पोस रेसिंग के अरविंद लिंडब्लैड और डैम्स के जैक क्रॉफॉर्ड के बीच एक टक्कर हुई। जिसके चलते लिंडब्लैड को 10 सेकंड की पेनल्टी दी गई।
यह भी पढ़ें - FASTag: फास्टैग को लेकर बड़ा बदलाव, केंद्र नई टोल नीति पर कर रहा है विचार
जीत के बाद मैनी की भावुक प्रतिक्रिया
इतिहास रचने के बाद पोडियम पर खड़े होकर मैनी ने कहा, "पहली पोजिशन और मोनाको में जीतने वाला पहला भारतीय बनना वाकई बहुत गर्व और सपना सच होने जैसा है। मैं डैम्स टीम और हर उस इंसान का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं जिसने मेरा साथ दिया। हमारा भरोसा कायम है।"
यह भी पढ़ें - NHAI: एनएचएआई राजमार्गों पर अनाधिकृत कब्जे को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाएगा, जानें क्यों
आनंद महिंद्रा का भावुक संदेश
जब फॉर्मूला 2 के पोडियम पर भारतीय झंडा लहराता दिखा, तो आनंद महिंद्रा भी खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, "तुम ऊंचाई पर खड़े हो @kmainiofficial और पूरा देश तुम्हारे साथ खड़ा है। कुश मैनी ने मोंटे कार्लो में F2 रेस जीत कर इतिहास रच दिया... हमें गर्व है कि तुम @MahindraRacing की टीम का हिस्सा हो।"
गौतम सिंघानिया और टीवीएस मोटर का समर्थन
इस जीत के साक्षी दिग्गज कारोबारी गौतम सिंघानिया भी रहे, जो रेस के दौरान मौजूद थे और इस जीत का जश्न मना रहे थे। उन्होंने और टीवीएस मोटर ने मैनी के करियर में लगातार उनका समर्थन किया है।
यह भी पढ़ें - Xiaomi SU7: शाओमी की पहली इलेक्ट्रिक कार SU7 पर उठे सवाल, सुरक्षा, परफॉर्मेंस और पारदर्शिता पर घिरी कंपनी