कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने ट्रैफिक की भीड़भाड़ और बुनियादी ढांचे के सुधार जैसे अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान पेश करने की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री ने शहर के यातायात संकट से निपटने के लिए एक भूमिगत सुरंग सड़क नेटवर्क की योजनाओं से पर्दा उठाया।
इस मुद्दे से परिचित लोगों ने कहा, "राज्य सरकार बंगलूरू में भूमिगत सुरंगों के निर्माण के जरिए ट्रैफिक की भीड़भाड़ को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है।" इस दिशा में एक प्रारंभिक कदम इस साल हेब्बल जंक्शन पर एक छोटी सुरंग के निर्माण का होगा, जो यातायात की भीड़भाड़ के लिए एक हॉटस्पॉट है। हालांकि, बजट में सुरंग की कुल लंबाई के बारे में स्पेसिफिक डिटेल्स का खुलासा नहीं किया गया था।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को राज्य बजट पेश करते हुए कहा कि यातायात की भीड़भाड़ और प्रदूषण को कम करने के लिए उनकी प्राथमिकता सार्वजन जन परिवहन को बढ़ावा देना है, क्योंकि उनका मानना है कि बंगलूरू में सार्वजनिक परिवहन के विभिन्न तरीकों को इंटीग्रेट करने से इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा, बजट में बंगलूरू बिजनेस कॉरिडोर (बीबीसी) पर काम शुरू करने के लिए धन आवंटित किया गया, जिसे पहले बाहरी रिंग रोड (पेरिफेरल रिंग रोड) (पीआरआर) के नाम से जाना जाता था। 73 किमी लंबी परियोजना, जिसे 27,000 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाना है, को सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत क्रियान्वित किया जाएगा। प्रस्ताव के अनुरोध और भूमि अधिग्रहण के साथ प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।
शहर के नाइटलाइफ और आतिथ्य क्षेत्र को बढ़ावा देने की कोशिश में, बजट ने बंगलूरू में वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के संचालन समय को रात 1 बजे तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।
राज्य के अन्य प्रस्तावों में 250 मीटर ऊंचे स्काई डेक की अवधारणा है, जिसके लिए मशहूर आर्किटेक्ट को डिजाइन करने के लिए आमंत्रित किया गया है। हालांकि, इस परियोजना के लिए कोई विशिष्ट आवंटन नहीं किया गया है।
सिद्धारमैया के बजट के कुछ कारकों का स्वागत करते हुए, एक विशेषज्ञ रविचंदर ने कहा कि मौजूदा सड़कों के नीचे सुरंग बनाने से यातायात की भीड़भाड़ का कोई समाधान नहीं होगा।
"बजट में अच्छी चीजें उपनगरीय रेलवे, नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद, संपत्ति कर से टैक्स कलेक्शन में बढ़ोतरी और संपत्ति दस्तावेजों को डिजिटल करने का प्रस्ताव है।"
उन्होंने कहा, "हेब्बल में पायलट सुरंग सड़क यातायात को कम करने में मदद करेगी। लेकिन उन्हें शहर के अन्य हिस्सों में मौजूदा सड़कों के नीचे आंख बंद करके सुरंग नहीं बनानी चाहिए।"
परिवहन प्रशिक्षण संस्थान और परामर्श के निदेशक डॉ संजीव कुमार भास्कर ने कहा, "बेंगलुरु के पास अभी केवल एक बाहरी रिंग रोड है। नई बाहरी रिंग रोड बेंगलुरु के यातायात को कम करने में मदद करेगी। पीआरआर दक्षिण में होसूर रोड को उत्तर-पश्चिम में तुमकुरु रोड से जोड़ेगा, और यह बेलारी रोड, डोड्डाबल्लापुर रोड और हेन्नूर-बागलूर रोड सहित 10 प्रमुख हाईवे को जोड़ेगा।"
उन्होंने कहा, "सुरंग निजी परिवहन को बढ़ावा देगी। निजी वाहन जल्द से जल्द अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए उनका इस्तेमाल करते हैं और बदले में इससे ट्रैफिक की भीड़ बढ़ जाएगी। इससे भीड़भाड़ बढ़ेगी... मैं मेट्रो को देवनहल्ली और तुमकुरु तक विस्तारित करने के प्रस्ताव का स्वागत करता हूं। यह एक अच्छा कदम है और इससे निश्चित रूप से बाहरी इलाकों में यातायात कम हो जाएगा।''