उठे कई अहम सवाल
इस घटना के बाद एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जब सरकार के बड़े नेता खुद नियमों की धज्जियां उड़ाएं, तो आम लोगों से कैसे उम्मीद की जाए कि वो नियमों का पालन करें? सोशल मीडिया पर भी यह सवाल उठाया जा रहा है कि अब तक डिप्टी सीएम पर कोई जुर्माना क्यों नहीं लगाया गया।
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स्कूटर पर भी थे 18,000 रुपये से ज्यादा के चालान
जांच में सामने आया कि जिस स्कूटर पर डीके शिवकुमार सवार थे, उस पर पहले से ही 30 से ज्यादा ट्रैफिक नियम उल्लंघन के चलते 18,000 रुपये से ज्यादा का जुर्माना बकाया था। हालांकि बाद में यह दावा किया गया कि स्कूटर उन्होंने उधार लिया था और जुर्माना चुका दिया गया है। लेकिन हेलमेट को लेकर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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भारत में हेलमेट के नियम क्या कहते हैं
भारत में केवल वही हेलमेट इस्तेमाल करने की अनुमति है जो ISI प्रमाणित हों। कई इंटरनेशनल हेलमेट ब्रांड जैसे Arai, Shoei, Bell, HJC आदि को भारत में बेचा नहीं जा सकता क्योंकि उन्हें ISI से प्रमाण नहीं मिला है। यानी सड़क पर चलने के लिए केवल मान्य और पूरी सुरक्षा देने वाले हेलमेट ही कानूनन मान्य हैं।
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डबल स्टैंडर्ड की बड़ी मिसाल
जब देश में आम जनता को गैरकानूनी हेलमेट पहनने पर चालान झेलना पड़ता है, तो वही नियम राजनीतिक नेताओं पर लागू क्यों नहीं होते? पुलिस और ट्रैफिक विभाग को चाहिए कि वो डिप्टी सीएम पर जुर्माना लगाए और उदाहरण पेश करे। इसके साथ ही गैर-मानक हेलमेट के खिलाफ अभियान और सख्त किया जाना जरूरी है। क्योंकि सड़क सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा है।
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