जापान की फ्लाइंग कार निर्माता कंपनी SkyDrive (स्काइड्राइव) ने अहमदाबाद में चल रहे वाइब्रेंट गुजरात कार्यक्रम में हिस्सा लिया है, और अपने भविष्य के ट्रांसपोर्ट सॉल्यूशंस (परिवहन समाधानों) का प्रदर्शन किया है।
रोटर्स के साथ स्काइड्राइव फ्लाइंग कार का साइज लगभग 11.5 मीटर x 11.3 मीटर x 3 मीटर (37.7 फीट x 37 फीट x 10 फीट) है। इसमें तीन लोगों के बैठने की क्षमता है। जिसमें 1 पायलट और 2 यात्री है।
बैटरी इलेक्ट्रिक से चलने वाली यह स्काई कार मिश्रित सामग्री, एल्यूमीनियम अलॉय आदि से बनी है, जिसका वजन लगभग 1,400 किलोग्राम (3,100 पाउंड) है। 100 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम हवाई स्पीड के साथ, यह लगभग 15 किलोमीटर तक उड़ सकती है।
स्काइड्राइव के सीईओ टोमोहिरो फुकुजावा ने एएनआई को बताया, "हम अब भारत में एक फ्लाइंग कार - ईवीटोल सेवा शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं... यह पूरी तरह से रिन्युएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) पर आधारित है... शहरी क्षेत्रों में हवाई अड्डा बनाना मुश्किल है, लेकिन यह इमारतों के टॉप पर उतर सकती है और वहीं से उड़ सकती है, जिससे हम अपने दैनिक जीवन में हवाई टैक्सियों का इस्तेमाल कर सकते हैं।"
"हमारे पास जापान में सुजुकी के साथ एक प्लांट है और जैसे-जैसे बाजार अधिक से अधिक खुला होता जा रहा है, हम अन्य प्लांट भी लेना चाहते हैं..."
यह पूछे जाने पर कि क्या भारत में ऐसी स्काई कारों के उत्पादन की उम्मीद की जा सकती है, उन्होंने कहा, "बिल्कुल, हम उत्पाद को उचित बनाना चाहते हैं और इसे बाजार के करीब लाना चाहते हैं। इसलिए, हमारा मानना है कि भारत में बहुत सारी समस्याएं हैं... इसलिए इस तरह के वाहन उपयोगी होंगे। ऐसे में हम यहां भारत में एक प्लांट चाहते हैं, और भारत में भी बाजार चाहते हैं।"
2014 से फ्लाइंग कार के आइडिया और प्रोटोटाइप टेस्टिंग करने के बाद, स्काइड्राइव को जुलाई 2018 में आधिकारिक रूप से स्थापित किया गया था। स्काइड्राइव की जापानी ऑटोमोबाइल निर्माता सुजुकी के साथ साझेदारी है।
इसका लक्ष्य एक ऐसा भविष्य बनाना है जहां हर किसी के पास eVTOL (ईवीटोल) तक वाहन के रूप में दैनिक पहुंच हो, दोनों जापान में और दुनिया भर में। कंपनी 2019 में जापान में पहली सफल मानवयुक्त उड़ान परीक्षण करने में सफल रही।